जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बृहस्पतिवार को मास्टर प्लान कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान काफी समय से नक्शा पास कराने के लिए आए आवेदनों के लंबित रहने पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट को लंबित आवेदनों को जल्द निस्तारित करने, शीघ्र ही आनलाइन व्यवस्था शुरू करने और सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया। ताकि लोगों का ऑनलाइन नक्शा पास हो सके और दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
डीएम दोपहर में अचानक मास्टर प्लान कार्यालय पहुंचे। इससे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान उन्होंने विनियमित क्षेत्र पटल के प्रभारी आशीष त्रिपाठी को नक्शा पास कराने से संबंधित आवेदनों और रजिस्टर दिखाने का निर्देश दिया। इस दौरान नक्शा पास कराने के आए कई आवेदन वर्ष 2014 से लंबित मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए नियत प्राधिकारी व नगर मजिस्ट्रेट अनिल कुमार अग्निहोत्री को निर्देशित किया कि ऐसे जितने मामले लंबित हैं, उनका शीघ्र निस्तारण कराएं। कहा कि जिन आवेदनों में एनओसी आ गई है, संबंधित संबंधित लोगों को नोटिस भेजकर शुल्क जमा कराएं। यह भी कहा कि आवेदक अगर 10 दिन के भीतर आकर निर्धारित शुल्क नहीं जमा करते हैं तो उनका नक्शा निरस्त कर दें। निरीक्षण के दौरान 521 अविवादित मामले लंबित मिले, जो अनापत्ति प्रमाण पत्र के कारण लंबित मिले। इसके अलावा 100 मामले विवादित होने के कारण लंबित मिले। उन्होंने कहा कि आवेदन पत्रों के बारे में सूचना नियमित रूप से कार्यालय में चस्पा की जानी चाहिए। ताकि संबंधित व्यक्ति को वस्तुस्थिति की जानकारी मिल सके। निरीक्षण के दौरान अवर अभियंता रोहन यादव सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।