पुलिस अभिरक्षा में 11 फरवरी को हुई कृष्ण कुमार यादव उर्फ पुजारी यादव की मौत के मामले में सीबीआई ने तीसरे दिन करीब साढ़े पांच घंटे जांच-पड़ताल की। स्वजनों से घंटों पूछताछ करने के बाद बक्शा थाने और जिला अस्पताल में भी घटना से जुड़े रिकार्डों को खंगाला। साथ ही थाने से घटना से संबंधित सभी कागजात टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।
सुबह साढ़े दस बजे चकमिर्जापुर गांव में सीबीआई उस चाय की दुकान पर गई, जहां से कृष्णा यादव को पुलिस ने उठाया। सीबीआइ टीम में दुकान की फोटो लेकर वहां का नक्शा बनाया। इसके बाद मौके पर ही पुजारी यादव के भाई अजय यादव से बातचीत करने के बाद पड़ोस के एक युवक को बुलाकर पूछताछ की। इसके बाद घटना के समय मौजूद एक शख्स का नाम सामने आया, जिसके भी घर टीम गई। वहां युवक के न रहने पर स्वजनों से पूछताछ की। फिर सीबीआइ टीम चकमिर्जापुर में स्वजनों से दो घंटे पूछताछ की। साथ ही अजय के पास मौजूद सभी साक्ष्य लिया। टीम ने बक्शा थाने व जिला अस्पताल में जाकर वहां चिकित्सकों व कर्मियों से पूछताछ कर रिकार्ड खंगाला। अजय द्वारा बताए गए नाम के आधार पर पड़ोस के एक पूछताछ की। इसके बाद टीम दोपहर बाद अजय को बक्शा थाने बुलाई। जहां करीब चार बजे तक जांच-पड़ताल की। पुजारी के भाई अजय की मानें तो टीम ने उनसे घटना के दिन कितने लोगों को उठाया था, कौन- कौन जेल में हैं और कितने बाहर हैं इसकी जानकारी ली। इसके अलावा गिरवी रखे गए जमीन से संबंधित कागजात भी देखा। अजय ने सीबीआइ टीम को बताया कि जमीन छुड़ाने के लिए ब्याज पर लिया गया 60 हजार रुपये घटना वाली रात पुलिस छीनकर ले गई थी।