नेवढ़िया। सलारपुर बुजुर्गा गांव में शनिवार की शाम युवक द्वारा फांसी लगाकर जान दिए जाने के मामले में अस्पताल संचालक नागेंद्र और समर बहादुर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप है।
थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के मुताबिक सलारपुर बुजुर्गा गांव निवासी 23 वर्षीय रोहित विश्वकर्मा इटाएं बाजार स्थित एक निजी अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कर्मचारी के रूप में काम करते थे। बीते 30 सितंबर को अस्पताल मालिक नागेंद्र व समर बहादुर यादव की कार रोहित पार्क कर रहे थे। इस बीच कार अनियंत्रित होकर सामने रखे जनरेटर को टक्कर मारते हुए दीवार से टकरा गई। आरोप है कि नागेंद्र व समर बहादुर यादव एक लाख रुपये हर्जाना देने के लिए रोहित पर दबाव बनाने लगे। रोहित हर्जाना भरने के लिए मालिकों से मोहलत मांग रहा था, लेकिन उस पर तुरंत भुगतान करने के लिए दबाव डालने लगे। इसी से तनावग्रस्त होकर शनिवार की शाम रोहित ने अपने कमरे में गार्डर से चादर का फंदा बनाकर जान दे दी। थानाध्यक्ष ने बताया कि तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले छानबीन की जा रही है।