जनपद में गड्ढा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन, इस अभियान की हकीकत देखनी हो तो मछलीशहर-बरईपार मार्ग पर चले आइए। क्योंकि इस मार्ग पर गड्ढे भरने और उसके लेपन कार्य के लिए भारी भरकम बजट मार्च 2021 में स्वीकृत हुआ है। लेकिन, आठ किमी इस मार्ग की स्थिति अब तक नहीं सुधरी है। जिम्मेदार इस मार्ग गिट्टी डालकर छोड़ दिए हैं। ऐसे में आने-जाने वाले राहगीरों की परेशानियां और बढ़ गई है, जिसकी वे शिकायत भी करते हैं। लेकिन, जिम्मेदार इसे अनसुना कर देते हैं।
बरईपार-मछलीशहर मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। पीडब्ल्यूडी द्वारा इस मार्ग के गड्ढे को भरकर लेपन कार्य के लिए मार्च 2021 में 77.7 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। आठ किमी इस सड़क को दुरुस्त करने के लिए 9 लाख रुपये भी जारी कर दिया गया। लेकिन, सड़क अब तक नहीं बन पाई है। हालांकि बीते दिनों अमर उजाला लोगों की इस परेशानी को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित करता रहता है। बीते दिनों पीडब्लूडी के अधीक्षण अभियंता राधा कृष्ण से बातचीत किया गया तो ठेकेदार ने आनन-फानन में जगह-जगह गिट्टी गिरवाकर फैलवा कर काम बंद दिया। लेकिन, सड़क का काम आगे नहीं बढ़ सका। इससे आवागमन में भारी दिक्कत हो रही हैं। मार्ग पर फैली गिट्टी के छिटकने से लोग चुटहिल हो रहे हैं। वहीं, छोटेलाल यादव कहते हैं कि मैं सिंगरामऊ से मछलीशहर रोज ड्यूटी करने आता हूं। मार्ग के मरम्मत कार्य शुरू होने की जानकारी प्राप्त होने पर इधर से ही आने लगा। लेकिन, आने पर पता चला कि सड़क पर गड्ढा भरने के लिए फैलाई गई गिट्टी और भी मुसीबत बन गई है। इसी तरह बबलू गौतम का कहना है कि मैं गद्दोपुर महराजगंज से आता हूं। एक साल से इस समस्या को झेल रहा हूं। अब तो मैं 15 किमी अतिरिक्त दूरी तय करके सुजानगंज मार्ग से जाता-जाता हूं। महेंद्र प्रताप यादव का कहना हैं मैं कटाहित खास से रोजाना मछलीशहर आता-जाता हूं। पिछले सप्ताह सोमवार को गिट्टी फैलाने का काम शुरू तो हुआ। लेकिन ढाई किमी गिट्टी गड्ढे के पास फैला कर छोड़ दी गई है। रोलर चलाकर गिट्टी तक नहीं दबाई गयी, जिसके कारण आने जाने में दिक्कत हो रही हैं। उमाशंकर यादव कहते हैं कि मैं बदलापुर इसे मछलीशहर आता-जाता हूं। एक वर्ष से इस मार्ग से नहीं आता जाता हूं। इस संबंध में पीडब्लूडी के अधीक्षण अभियंता राधा कृष्ण ने कहा कि पूरी तैयारी हो गई है। 28 अक्तूबर से इस सड़क पर काम लग जाएगा।