अब उसने एशियन गेम्स में पदक जीतकर न सिर्फ जौनपुर, मुंबई बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन किया है। ऐश्वर्या की छोटी बहन युक्ता मिश्रा डॉक्टरी की तैयारी के लिए कोटा में रहती है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बधाई दी है। परिश्रम संस्था के कृपाशंकर सिंह ने भी बधाई दी है। संस्था की तरफ से भारत आगमन पर सम्मानित किया जाएगा।
अपनी टीम के साथ ऐश्वर्या कैलाश मिश्रा
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ऐश्वर्या के पिता कैलाश ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान कहा कि बेटी शुरू से ही दौड़ में आगे है। उसकी लगन देखकर पहले से ही आश्वस्त था कि एक दिन जरूर नाम रोशन करेगी। उसे अभी हाल में कस्टम विभाग से हवलदार की नौकरी का भी ऑफर आया था, लेकिन उसने केवल खेलने की बात कही।
कैलाश ने कहा कि उसका अगला लक्ष्य ओलंपिक में मेडल जीतना है। बताया कि अभी चीन में है। जब आएगी तो उसके बाद केवल 10 दिन ही हम लोगों के साथ रहेगी। उसके बाद इंडिया कैंप के लिए चली जाएगी। उसने चार सितंबर को मेडल जीता है। पिता ने बताया कि वह मुंबई के दहिसर पूर्व इलाके फल बेचते हैं।