जौनपुर। जिले में बनी तीन नई नगर पंचायतों गौराबादशाहपुर, कजगांव व रामपुर के कार्यालय अभी नहीं खुल सके हैं। हालांकि छह माह पहले ही प्रशासक और प्रभारी ईओ की तैनाती के बाद से कार्य दूसरी नगर पंचायतों के जरिये किया जा रहा है। नई नगर पंचायतों का स्थानीय स्तर पर कार्यालय न होने से लोगों को अपने-अपने नगर पंचायत प्रभारी ईओ के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इन नगर पंचायतों में 15वें वित्त आयोग के तहत दो किस्तों में दो करोड़ 99 लाख 39 हजार 610 रुपये भी आ चुके है।
जिले मेें पहले से तीन नगर पालिका और छह नगर पंचायत हैं। करीब एक वर्ष पूर्व गौराबादशाहपुर, कजगांव और रामपुर को नई नगर पंचायत का दर्जा मिला। कुल 11 ग्राम पंचायतों को मिलाकर बने इन तीन नगर पंचायतों में छह माह पहले ही प्रभारी ईओ की तैनाती कर दी गई। गौराबादशाहपुर नगर पंचायत के लिए प्रशासक एसडीएम शाहगंज और प्रभारी ईओ खेतासराय के ईओ को जिम्मेदारी दी गई है। कजगांव के लिए प्रशासक नगर मजिस्ट्रेट और प्रभारी ईओ जफराबाद के ईओ और रामपुर के लिए प्रशासक एसडीएम मड़ियाहूं और प्रभारी ईओ मड़ियाहूं के ईओ की तैनाती की गई है। शासन ने तीनों निकायों में काम सुचारू करने के लिए वहां स्थायी कार्यालय स्थापित करने का भी निर्देश दिया। इसके लिए तीनों नगर पंचायतों में 15वें वित्त आयोग के तहत अब तक दो किस्तों में दो करोड़ 99 लाख 39 हजार 610 रुपये आ चुके है। गौराबादशाहपुर में एक करोड़ पांच लाख 53 हजार आठ रुपये, कजगांव में 97 लाख 66 हजार 80 रुपये और रामपुर में नौ लाख 62 हजार 522 रुपये आए हैं। इसके बाद भी इन नगर पंचायतों में कार्यालय नहीं खुल पाए हैं।
तीनों नई नगर पंचायतों में दो किस्तों की धनराशि आई है। कार्यालय की समुचित व्यवस्था करने और आधारभूत विकास संरचना बनाकर कार्य करने के लिए पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही सभी व्यवस्था उपलब्ध कराकर सूचित करने का निर्देश दिया गया है। - राजकुमार द्विवेदी, एडीएम (भू व राजस्व)