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अमित शाह की हुंकार नहीं आई काम, जमानत तक नहीं बचा पाए पूर्व सांसद केपी सिंह

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जौनपुर। मल्हनी विधानसभा सीट पर सपा और जेडीयू के प्रत्याशी के अलावा कोई प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सका। इसमें भाजपा के प्रत्याशी और पूर्व सांसद केपी सिंह भी शामिल हैं, जिनके पक्ष में खुद गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी रैली भी की थी। साथ ही माहौल बनाने के लिए यहां तक वायदा कर गए थे कि आप मल्हनी से डा. केपी सिंह को जिताओ, मैं प्रदेश का बड़ा नेता बनाकर भेजूंगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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जफराबाद क्षेत्र के ग्राम महरूपुर के मूल निवासी डा. केपी सिंह तब चर्चा में आए थे। जब उन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपना जौनपुर सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर सबको चौंका दिया था। इसके बाद, उन्होंने जीत दर्ज की थी। 2019 में भी भाजपा ने उन पर दांव लगाया। हालांकि इस बार वह चुनाव हार गए थे। मगर मल्हनी विधानसभा क्षेत्र के काफी अच्छा वोट हासिल किए थे। इसके आधार पर इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया था। वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने भी डा. केपी सिंह के पक्ष में इस बार के विधानसभा चुनाव की आखिरी सभा की थी। इसमें उन्होंने डा. केपी सिंह की जमकर प्रशंसा की थी। जनता से वायदा किया था कि मल्हनी से चुनाव आप जिताओ मैं डा. केपी सिंह को प्रदेश का बड़ा नेता बनाऊंगा। लेकिन, मल्हनी की जनता ने गृहमंत्री के इस वायदे को पूरा नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि डा. केपी सिंह को 18319 मत मिले, जबकि उनसे ज्यादा मत बसपा के प्रत्याशी शैलेंद्र यादव को 24007, जेडीयू प्रत्याशी धनंजय सिंह को 79830 और चुनाव जीतने वाले सिटिंग विधायक लकी यादव को 97357 मत मिले। यानी इस सीट पर कुल 12 प्रत्याशियों में लकी यादव और धनंजय सिंह को छोड़कर किसी की जमानत नहीं बची, क्योंकि 227362 पड़े कुल मत का छठा हिस्सा भी 10 प्रत्याशी नहीं पा सके।
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