जिले में जन धन योजना का बुरा हाल है, जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। कारण इस योजना के तहत जिले में खाते तो खूब खोले गए, लेकिन योजना को जिम्मेदार धरातल पर नहीं उतार पाए हैं। इस योजना के तहत खोले गए आठ लाख 14 हजार 270 खाता धारकों को ही बीमा से आच्छादित किया गया है। वहीं तीन लाख 27 हजार 450 खाता धारकों का खाता ही नहीं संचालित हो रहा है। ऐसे में सहज ही इस योजना के स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गरीबों को आर्थिक दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े, लोग आराम से बैंक से जीवन बीमा व दुर्घटना बीमा सहित लोन आसानी से मिल सके, इसके मद्देनजर सरकार ने 15 अगस्त 2014 को जन धन योजना का शुभारंभ किया था, जिसके तहत जीरो बैलेंस पर खाता खोलने सहित जीवन बीमा व दुर्घटना बीमा सहित लोन आदि की सुविधा देने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना की जिले में काफी खराब स्थिति है। इस योजना के शुभारंभ से लेकर अभी तक 21 लाख 20 हजार 806 खाता जीरो बैलेंस पर खोला गया है, लेकिन तीन लाख 27 हजार 270 खाता संचालित नहीं हो रहे हैं। वहीं महज आठ लाख 14 हजार 270 खाता धारकों को ही जीवन बीमा व दुर्घटना बीमा का लाभ दिया गया है, जिसमें छह लाख 63 हजार 565 खाता धारकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और एक लाख 50 हजार 705 खाता धारकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ दिया गया है।
योजना का लाभ पाने से 13 लाख छह हजार खाता धारक वंचित
जौनपुर। बैंको की लापरवाही के कारण जन धन योजना के तहत खोले गए 13 लाख छह हजार 536 खाता धारक लाभ से वंचित हैं। उनका जीरों बैलेंस पर तो खाता खोल दिया गया, लेकिन उनको इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ से आच्छादित नहीं किया गया है।
अधिकांश लोगों की ओर से जन धन योजना के तहत अलग-अलग बैंकों में दो से तीन खेते खुलवाए गए हैं, जिसके कारण ऐसी स्थिति है, लेकिन सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को स्पश्अ निर्देश दिया गया है कि जो भी जन धन के लाभार्थी योजना का लाभ लेने उनको लाभांवित किया जाए। - अनिल कुमार सिन्हा, अग्रणी जिला प्रबंधक(यूबीआई)