जौनपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से शहर में कचरे के निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई थी लेकिन हालात आज भी नहीं सुधरे हैं। नगर पालिका इधर-उधर कचरों का निस्तारण कर रही है। कूड़ की नियमित उठान तक नहीं की जा रही है।
तीन लाख से अधिक आबादी वाले जौनपुर शहर से प्रतिदिन 100 टन से अधिक कचरा निकलता है। इसके निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं है। जहां-तहां सड़कों के किनारे कूड़ा डंप कर दिया जाता है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 के मुताबिक जिस संस्थान या संस्थान में प्रतिदिन 100 किलो कूड़ा निकलता है उसे उसके निस्तारण की खुद व्यवस्था करनी चाहिए। इतना नहीं एक लाख से अधिक आबादी वाले निकायों में कूड़ा निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से होना चाहिए और उसके उठान भी सावधानी बरतनी चाहिए। जौनपुर में ये नियम बेमानी है। कचरा प्रबंधन के हालात देख कर पिछले दिनों एनजीटी ने नाराजगी जताई थी।
जौनपुर शहर में कूड़े के निस्तारण का समुचित प्रबंध नहीं है। उसे डंप करने में भी कोई सावधानी नहीं बरती जाती है। नगर पालिका की की कूड़ा गाड़ी को ढंका नहीं जाता है और वह रास्ते भर कचरा फैलाती रहती है। वाजिदपुर से जेसीज चौराहा और शास्त्री पुल एवं पचहटिया तक जहां तहां सड़क किनारे कूड़ा डंप कर दिया जाता है। कलीचाबाद में हाईवे के किनारे को तो कूड़ा डंपिंग जोन बना दिया गया है। दुर्गंध के चलते वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। कचरे के निस्तारण के लिए वर्ष 2008 में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बुनियाद रखी गई थी, जो 10 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू होने पर शहर को इस समस्या से निजात मिल सकती है। बारह करोड़ की लागत से बनने वाला प्लांट चालू होने पर प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निस्तारण हो सकता है लेकिन बुनियाद रखने के 10 साल बाद यह बन नहीं सका है। शुरुआत के दो से तीन साल तक जमीन का विवाद धा और बाद में निर्माण कराने वाली फर्म ए-टू-जेड ने बजट कम बताते हुए काम करने से इनकार कर दिया। अब कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस का दावा किया है कि बजट को लेकर फर्म से विवाद खत्म हो गया है। शीघ्र निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।
कूड़ों में रोज निकल रही प्लास्टिक
जौनपुर। 50 माइक्रान से कम की प्लास्टिक और थर्माकोल पर प्रतिबंध लग चुका है। लेकिन शहर से निकलने वाला कचरा जहां डंप किया जा रहा है उसेमें प्लास्टिक की कमी नहीं हो रही है। लोगों के घरों से निकलने वाले कचरे में अभी भी प्लास्टिक आ रहा है।
शहर में सड़कों के किनारे कूड़ा निस्तारण पर रोक लगा दी गई है। कुल्हनामऊ में बन रहे सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के पास में ही कूड़ा डंप किया जाता है। प्लांट चालू होने पर इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
कृष्ण चंद्र
अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद जौनपुर