रोडवेज परिसर में खड़ी बसें। संवाद
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जौनपुर। केंद्र सरकार की भारतीय सेना में शुरू की गई अग्निपथ योजना का जिले में भी भारी विरोध हो रहा है। शनिवार को जिले के दो थाना क्षेत्रों में भारी बवाल के चलते रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान सहना पड़ा है। दरअसल, बदलापुर और सिकरारा थाना क्षेत्र में उपद्रवियों ने रोडवेज की बसों को निशाना बनाया था। एक जगह बस आग के हवाले कर दी गई थी तो दूसरी जगह पर दो बसों के शीशे तोड़े गए थे। ऐसा नहीं है कि सिर्फ बसों के आग लगाने और तोड़े जाने से रोडवेज को नुकसान हुआ है, बल्कि इस बवाल के चलते संचालन प्रभावित होने से भी हर दिन बड़ा नुकसान हो रहा है।
जौनपुर रोडवेज के एआरएम विजय श्रीवास्तव की माने तो अकेले जौनपुर बस डिपो की रोज 15 बसें रद्द की जा रही हैं। विभिन्न रूटों पर दौड़ने वाली बसों के रोक देने से करीब तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि जब तक सब कुछ शांत नहीं हो जाता है, रोडवेज को इस मुश्किल दौर से गुजरना होगा। वहीं, वाराणसी डिपो की ओर से स्पष्ट निर्देश मिला है कि जो भी बसें वाराणसी भेजी जाएं वह तीन बजे के बाद ही भेजी जाएं। जहां इससे संचालन प्रभावित हो रहा है तो वहीं प्रदर्शनकारियों का भी डर है कि कहीं वह बसों को नुकसान न पहुंचा दें। दूसरी ओर बसों के न चलने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को भी समय से बस नहीं मिल रही है। एक आंकड़े पर गौर तो जौनपुर बस डिपो, मुंगराबादशाहपुर और शाहगंज की हर दिन करीब 40 से 45 बसें रद्द की जा रही हैं। इसके चलते, यह नुकसान 8 से 10 लाख रुपये प्रतिदिन बताया जा रहा है। बताते चलें कि शनिवार को बदलापुर में चंदौली की जिन बस को आग के हवाले कर दिया गया था। उससे 17 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सिकरारा में प्रयागराज डिपो जिन दो बसों में तोड़फोड़ की गई। उससे 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इसी तरीके से यदि प्रदर्शन जारी रहा तो रोडवेज को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यात्रियों को जो परेशानी होगी वह अलग। उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार, बसों का संचालन किया जा रहा है।