उरई/आटा। रविवार को आटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें बिगड़े मौसम के बीच सबसे अधिक खांसी-जुकाम के मरीज पहुंचे। वहीं महिला मरीजों ने महिला डॉक्टर न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मेले में महिला डॉक्टर भी बैठने की मांग की।
रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आटा में लगाए गए मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में आईं आटा निवासी महिला विमलेश ने बताया पेट मे दर्द की शिकायत थी, लेकिन अस्पताल में महिला डॉक्टर न होने से अपनी पूरी बात नही बता सकीं। सिर्फ गोली लेकर आ गये। आरोग्य मेले में भी महिला डॉक्टर को दिखाने की उम्मीद से आए थे, लेकिन यहां पर भी वह नहीं मिलीं। मेले में महिला डॉक्टर को भी होना चाहिए।
वहीं आटा निवासी प्रभात ने बताया आरोग्य स्वास्थ्य मेले में सरकार सभी तरह की जांच और करवा दें तो हम जैसे गरीब मरीजों को बहुत लाभ। अभी तक जांच कराने के लिए उरई जाना पड़ता है।
कोरोना की जांच के लिए किया जागरूक
मेले में कोरोना वायरस से बचाव के इंतजाम किए गए थे। लोगों को कोविड-19 से बचाव के साथ इसके सामान्य लक्षणों की जानकारी भी दी गई। लोगों को बताया गया कि कोरोना वायरस की जांच और उपचार की सुविधाएं अस्पतालों में उपलब्ध हैं। डॉ. स्वास्तिक द्विवेदी, डॉ. धीरू सिंह, डॉक्टर बृजेश यादव, अजीत सिंह, फार्मासिस्ट अरविंद राठौर, फार्मासिस्ट सुनीता वर्मा, राजेश शुक्ला मांडवी राठौर आदि मौजूद रहे।
बुखार-खांसी के मरीज बढ़े
आरोग्य मेले में आए लोगों में अधिकांश लोग बुखार और खांसी के मरीज के थे। ऐसे मरीजों को दवा देने के साथ ही कोविड केंद्र पर जांच कराने की भी सलाह दी गई। मेले में 65 मरीजों को देखा। ज्यादातर मरीज सर्दी जुकाम से पीड़ित थे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में गर्भवती भी मेले में पहुंचीं।
विमलेश।- फोटो : ORAI
प्रभात।- फोटो : ORAI