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मुबारक हो तुमको हज का महीना

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मुहम्मदाबाद। हज के लिए शुक्रवार को पहला जत्था रवाना हुआ। 14 लोगों को हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने फूल माला पहनाकर विदा किया। इस बार हज के लिए जिले से कुल 38 जायरीन जाएंगे।
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मुहम्मदाबाद गांव से महमूदुल हसन व पत्नी अफरोज को लोगों ने मुबारक हो तुमको हज का महीना की सदाओं के साथ बधाई देते हुए रवाना किया। लोगों ने उन्हें फूल माला पहनाए। गली, कूचों से गुजरते वक्त जायरीनों ने लोगों से जाने अनजाने में हुई खताओं की माफी मांगी और आगे बढ़े। लोगों ने खाना ए काबा को याद करते हुए बारी बारी हज यात्रियों के हाथों को चूम लिया। इस बार हज यात्रा पर कदौरा से छह लोग, कालपी से दो, अब्दुल्लापुर से दो और जैतपुर से दो जायरीन रवाना हुए। इस दौरान मजहरुल हसन, उम्मेद अली, अदनान मुजाहिर,अजहर, जैनुल आब्दीन, ऐनुल आब्दीन, वाजिद हुसैन, झल्लू शाह, आगोश रहमानी, अहमद हुसैन आदि मौजूद थे।
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फोटो-5-शोएब व पत्नी कमरजहां। संवाद
मदीने वाले को मेरा सलाम कहना
मुहम्मदाबाद। मुबारक हो तुम सबको हज का महीना, न थी मेरी किस्मत कि देखूं मदीना। मदीने वाले को मेरा सलाम कहना। यह कहना है हज जाने से वंचित रह गए मुहम्मद शोएब का। उन्होंने मायूस होकर कहा सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रियों को 65 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों पर पाबंदी लगा दी है। इससे कई लोगों का हज का सपना अधूरा रह गया है। अगले साल इस नियम में कोई बदलाव होता है तो मदीना मुनव्वरा की सुनहरी जालियों का बोसा लेने का मौका मिल सकता है। (संवाद)
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