उरई। किसान सिंचाई के लिए परेशान है। राजकीय नलकूप ठीक नहीं कराए जा रहे है और निजी नलकूप के बिजली कनेक्शन मनमाने तरीके से काटे जा रहे है। दैवी आपदा से नष्ट हुई फसलों के लिए मुआवजे के लिए किसान भटक रहे है। यह रवैया ठीक नहीं है। अधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से निपटाए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को भाकियू की गल्ला मंडी में हुई मासिक पंचायत में लिया गया।
पंचायत की अध्यक्षता प्रयाग नारायण द्विवेदी ने की। प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि अधिक वर्षा से नष्ट हुई खरीफ की फसलों का मुआवजा अभी मिला नहीं था कि रबी की फसल भी बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हो गई। जिसमें 80 से 100 फीसदी तक नुकसान का आकलन किया गया। जिसमें 25 फीसदी बीमा क्लेम तत्काल देने का प्रावधान है पर किसानों को अब तक कुछ नहीं मिला है। नहरों का संचालन ठीक से नहीं हो रहा है। कई सरकारी नलकूप तकनीकी दोषों के चलते खराब पड़े है। बकाया के नाम पर निजी नलकूपों के कनेक्शन काटे जा रहे है। उन्होंने बिजली बिलों में सरचार्ज की छूट को बढ़ाने की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष बृजेश राजपूत, सुरेश चौहान, भगवानदास, रामकुमार, चतुर सिंह, देवकरन, जयराम कुशवाहा, नरेंद्र, ब्रजलाल, हरीशंकर, भानसिंह, विश्वनाथ, कपूर सिंह, शिवसहाय, ब्रजभान आदि रहे।
18 मार्च को दिल्ली में होगी महापंचायत
उरई। भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आह्वान पर किसानों की समस्याओं को लेकर 18 मार्च को दिल्ली में महापंचायत होगी। इसमें भाग लेने के लिए जिले के किसान 17 मार्च को ट्रेन से दिल्ली जाएंगे। उन्होंने किसानों को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया।
नहरों का संचालन न होने से किसान परेशान
जालौन। नहरों का संचालन हुए लगभग एक पखवारा बीत गया है। लेकिन अभी तक रजबहों और माइनरों में टेल तक पानी नहीं पहुंचा है। काशीपुरा, जगनेवा, कुठौंदा बुजुर्ग आदि गांव के किसान गजेंद्र सिंह सेंगर, अमरेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह सेंगर, संजू आदि ने एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला को शिकायती पत्र देकर बताया कि इस समय खेतों में गेहूं व जौ की फसल खड़ी है। जिसमें सिंचाई किया जाना है। नहरों का संचालन लगभग एक पखवारा हो चुका है पर अभी तक माइनर व रजबहों में टेल तक पानी नहीं पहुंचा। पानी न आने के कारण किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं। कुछ स्थानों पर लोगों ने बंधा लगाकर पानी को रोक लिया है। जिसके चलते भी कुछ जगहों पर पानी पहुंचा भी है तो वह इतना कम है कि उसे सिंचाई नहीं हो पा रही है। यदि शीघ्र ही फसलों की सिंचाई न की गई तो फसल सूखने लगेगी। किसानों ने एसडीएम से मांग की है कि नहरों को फुलगेज से चलवाया जाए ताकि पानी टेल तक पहुंच सके।