उरई/एट (जालौन)। मजदूरों से भरा लोडर हाईवे किनारे खड़े डंपर में पीछे से घुस गया। हादसे में लोडर पर सवार महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ घायल हो गए। पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। एक की हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया गया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर उनके परिजनों को जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन से हटवाकर यातायात बहाल करवाया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कैथेरी गांव के पास निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के समीप बुधवार की सुबह हाईवे पर खड़े डंपर में मजदूरों से भरी लोडर पीछे से घुस गया। हादसे में लोडर चालक शकील निवासी सिद्धार्थनगर, महिला सेरीनिशा निवासी सिद्धार्थनगर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अंजुम, क्षमा, मनोज उपाध्याय निवासी इटवा सिद्धार्थनगर, कृष्णनाथ त्रिपाठी, सामदेव चौधरी दोनों निवासी परशपुर सिद्धार्थनगर, दयाशंकर, गणेश साहनी, अजय साहनी सभी निवासी फेरनी महाराजगंज, उमेश कुमार निवासी हर्राजपुर सिद्धार्थनगर घायल हो गए। इसमें अंजुम की हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर कर दिया गया। घायलों ने बताया कि वह पुणे में रहकर मजदूरी करते थे और लोडर से सिद्धार्थनगर जा रहे थे। लोडर में आगे चालक शकील के साथ वाहिद और उसकी पत्नी सेरीनिशा बैठी थी। जबकि अन्य लोग पीछे बैठे थे। हादसा होने के बाद घायलों की चीख से हाईवे गूंज गया। राहगीरों ने लहूलुहान हालत में घायलों को निकाला।
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चालक को झपकी आने से हुआ हादसा
घायलों ने बताया कि हमलोग सोमवार की रात आठ बजे लोडर में सवार होकर पूना से सिद्धार्थनगर के लिए चले थे। यात्रा लंबी होने के कारण थकान थी। इसी दौरान चालक शकील को झपकी आ गई। जिसकी वजह से हाईवे पर खड़े डंपर में लोडर पीछे से घुस गया और हादसा हो गया।
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प्रति सवारी दो हजार रुपये लिए थे
लोडर चालक ने सभी को सिद्धार्थनगर छोड़ने के लिए दो-दो हजार रुपये किराया लिया था। लगभग 1700 किलोमीटर लंबी दूरी तय करने के लिए वह लोग सामान सहित उसमें बैठ गए थे।