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बाढ़ खत्म, ग्रामीणों की दुश्वारियां बरकार

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राहत सामग्री दिखाता बाढ़पीड़ित। - फोटो : ORAI
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कुठौंद। जिले में भले ही बाढ़ का कहर थम गया है। प्रशासन भी लोगों की मदद के नाम पर अपनी पीठ थपथपा रहा है पर हकीकत कुछ और है। अभी भी बाढ़ से पीड़ित परिवार अपने घरों में जाने से डर रहे है। वह खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर है। उनका कहना है कि प्रशासन ने पुनर्वास तो छोड़िए पानी उतरने के बाद उनकी कोई खोच खबर भी नहीं ली। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कुठौंद क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम विजुवापुर दिवारा में बाढ़ समाप्त होने के बाद भी लोगों के घरों में जाने से डर रहे है। लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी घरों में कई दिनों तक भरा रहा। इस कारण घरों में कीचड़ के साथ-साथ दीवारों में सीलन है। जिससे उन्हें डर है कि कही कोई बढ़ा हादसा न हो जाए। डर के कारण अभी लोग घरों में ना रह कर घास फूस के बने छप्पर या फिर पन्नी व तिरपाल के नीचे रह कर गुजर बसर कर रहे है।
ग्राम बिजुवापुर विवारा में करीब 35 परिवारों के घरों में पानी भर गया था। जिसमें कई परिवारों के घरों में की दीवारें चटक गई है। तो किसी के घर की दीवार ही ढह गई है। ग्रामीण कुंजीलाल, रामकिशोर, अरुण कुमार, सुखराम, कु्वरपाल, बालक राम, सर्वेश दयाराम सुखराम आदि कई परिवार ऐसे हैं जो अभी अपने घरों में न रह कर बाहर ही तिरपाल डाल कर रह रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के समय तो प्रशासन ने कभी मदद की पर जब प्रशासन की मदद की सख्त जरूरत थी तो सभी ने मुंह मोड़ लिया है। लोग संक्रमण बीमारियों व खाने पीने के संकट से जूझ रहे है।
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