अभरुबा ग्राम पंचायत के सामुदायिक शौचालय में लटकता ताला।
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कदौरा। हर गांव ओडीएफ घोषित करने का सरकार का सपना कागजों तक सीमित होकर रह गया है। कदौरा ब्लाक क्षेत्र की 71 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पूरा होने का दावा है। पर इन शौचालयों का निर्माण कराकर इनमें ताले डलवा दिए गए हैं। इस वजह से इन शौचालयों के बाहर कहीं ग्रामीण मवेशी बांध रहे हैं तो कहीं उपले पाथे जा रहे हैं।
ब्लाक क्षेत्र के 71 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसमें विभाग ने जिओ टैगिंग कर निर्माण पूरा कया है। बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब कुछ ग्राम पंचायतों की हकीकत देखी तो शौचालय तो मिले पर उनमें ताले लटके थे। ग्राम पंचायत हासा में सुबह करीब 10:20 बजे ताला लटका मिला। इसके बाद टीम आगे बढ़ी तो ग्राम पंचायत अभिरुबा के सामुदायिक शौचालय में 10:37 बजे ताला लटका मिला। मदिरा लालपुर 10:40 बजे भी लगभग यही स्थिति मिली। वहीं ग्राम पंचायत तिरही में टीम करीब 11:09 बजे पर पहुंची तो वहां पर भी शौचालय में ताला लटका था। उसके बाहर उपले और गोबर डाला हुआ था। डीपीआरओ अवधेश सिंह पटेल ने बताया कि कई जगहों पर अभी देखरेख के लिए कोई तैनाती नहीं हो सकी है। इसलिए कुछ जगह ऐसा हो सकता है। सभी जगह के सामुदायिक शौचालयों को सुचारु व्यवस्था जल्द कराएंगे।
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स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को दी गई है जिम्मेदारी
इन सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव के लिए स्वयं सहायता समूहों के एक-एक सदस्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए इनको प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय व तीन हजार रुपये रखरखाव के लिए दिए जा रहे हैं।
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जोहलुपुर में नहीं हो सकी जमीन चिह्नित
ब्लाक क्षेत्र के ग्राम जोहलुपुर में जगह न मिलने के कारण सामुदायिक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। इससे गांव के लोगों, यात्रियों व राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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