कालपी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर कालपी सीएचसी में सतर्कता शुरू हो गई है। यहां पर मरीजों में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण मिलने पर तुरंत कोविड जांच होगी। जांच में निगेटिव होने पर ही केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। सीएचसी में प्रतिदिन की ओपीडी का औसत 150 से 200 मरीज का हैं। बुधवार को ओपीडी में 147 मरीज आए। इन मरीजों में जिनमें कोरोना के लक्षण मिले उनकी गेट पर ही आरटीपीसीआर जांच कराई गई। स्त्री रोग विशेषज्ञ रूबी राजपूत सुबह 10:45 बजे अपने चैंबर में थे। वहीं फिजीशियन डॉक्टर उदय के चैंबर में न होने की वजह से मरीज इंतजार में दिखे।
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सिर्फ खांसी-जुकाम के देखे जा रहे मरीज
सीएचसी में अधिकांश मरीज जुखाम, बुखार और खांसी के ही देखे जाते हैं। थोड़ी सी भी गंभीर स्थिति होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। हाईवे के पास सीएचसी स्थित होने की वजह से प्रतिदिन हादसे के शिकार लोगों को भी यहां लाया जाता है। पर सभी रेफर ही किए जाते हैं।
कालपी सीएचसी के सीएमएस डॉ.सुंदर सिंह का कहना है कि कुछ डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत मिली है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ कार्यालय को लिखा है।