कोंच। ब्लाक कार्यालय में धरना दे रहे किसानों ने रविवार को विधायक मूलचंद्र निरंजन के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कमीशन लेने का आरोप लगाया। विधायक ने उन्हें जांच का आश्वासन दिया।
उत्तर प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन ब्लाक इकाई कोंच के अध्यक्ष प्रधान विरगुवां बुजुर्ग रवींद्र कुमार गौतम की अगुवाई में ग्राम प्रधानों ने ब्लाक परिसर में एकत्र होकर धरना दिया। नारेबाजी करते हुए कमीशनबाजी बंद करने की मांग की। प्रधानों ने आरोप लगाया कि कमीशन लेकर ब्लाक के अधिकारियों द्वारा उनका शोषण किया जा रहा है। शनिवार को पहुंचे प्रधानों ने विधायक मूलचंद्र निरंजन से पूरे मामले की शिकायत करते हुए कहा कि मनरेगा के पक्के कामों में 47 फीसद कमीशन लिया जा रहा है। इसमें 11 प्रतिशत बीडीओ, 10 प्रतिशत सचिव, टीए 6 प्रतिशत, जीएसटी 12 प्रतिशत, टीएस 1 प्रतिशत, ट्रांसपोर्टर 5 प्रतिशत एवं जिला 25 प्रतिशत है। इसी प्रकार कच्चे कामों में भी विभिन्न स्तरों पर करीब 18 फीसदी कमीशन लिया जा रहा है।
गोशाला संचालन के लिए कोई धनराशि निर्गत नहीं किए जाने के चलते प्रधानों को अक्तूबर से अपने संसाधनों से व्यवस्था देखनी पड़ रही है। प्रधानों ने यह भी मांग उठाई कि प्रबंधन समिति प्रधानाचार्य का संयुक्त खाता बंद कर प्रधानाचार्य का संयुक्त खाता खोला जाना चाहिए। प्रधानों की इस समस्या को लेकर विधायक ने जिले के उच्चाधिकारियों से वार्ता की है। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान न निकला तो आने वाले दिनों में कार्य बहिष्कार कर ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी। इस दौरान रवींद्र कुमार गौतम, रागिनी, गोमती, आरती देवी, प्रेम प्रकाश, मायादेवी, कमलेश कुमार, जितेंद्र, आदि मौजूद रहे।
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फोटो::: 30:::ग्राम प्रधान परैथा कैलाश।
भैंस बेचकर चुकाई इंटरलॉकिंग की मजदूरी
कोंच। ग्राम पंचायत परैथा के प्रधान को मजदूरी का पैसा चुकाने के लिए भैंस तक बेचनी पड़ी है। प्रधान कैलाश ने धरने के दौरान अपने प्रधान साथियों को बताया कि 50 हजार में अपनी दुधारू भैंस बेची तब कहीं जाकर इंटरलॉकिंग की मजदूरी का रुपये चुका पाए।