उरई। मौसम के बदले मिजाज के बाद गलन बढ़ गई है। गुरुवार की सुबह कोहरे और सर्दी के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। दिन भर धूप ना निकलने पर लोग घरों में रहे। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उससे लोगों की दिनचर्या पर भी खासा असर पड़ रहा हैं। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को न्यूनतम पारे में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
सर्द हवाओं और गलन से लोगों की दिक्कत बढ़ने लगी हैं। पिछले पांच दिनों से ठंड बढ़ गई हैं। दूसरी ओर घने कोहरे से जिले में यातायात भी प्रभावित हो रहा हैं। प्रतिदिन कोहरे के बढ़ने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। मुहम्मदाबाद के किसान चरन सिंह, बड़ागांव के किसान चंद्रमोहन बताते है कि कोहरा फसल के लिए अच्छा है। इससे मटर, चना जैसी फसलों में रोग नहीं लगेगा और पाला से भी बचाव होगा। सूखी ठंड से पाला का खतरा रहता था। कोहरा पड़ने से उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। लाही की भी फसल अच्छी होने की उम्मीद है। कृषि वैज्ञानिक अनुज का कहना है कि फिलहाल यह मौसम ठीक है। ज्यादा दिन यही हाल रहा तो फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
--------------
ठंड में ठिठुरे लोग
कोंच। मंगलवार की सुबह क्षेत्र में बूंदाबांदी के बाद गलनभरी सर्दी अपना असर दिखाने लगी है। सर्दी से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से लगाए जा रहे अलाव आबादी के लिहाज से कम हैं। नगर में 30 व बड़ी आबादी वाले 6 गांवों में चिन्हित स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। ठंड से जूझ रहे नगर व क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से अलावों की संख्या और बढ़ाने जाने की मांग की है।
--------
फोटो-22-ग्राम भेंड़ में गुमटी वाले से अलाव की जानकारी लेते नायब तहसीलदार। संवाद
नायब तहसीलदार ने अलाव की जांच की
कोंच। नायब तहसीलदार विदित कुमार ने बुधवार की रात ग्राम भेंड़ में जल रहे सरकारी अलावों की हकीकत परखी। जिसमें दो स्थानों पर जलने वाले अलाव में एक अलाव बंद मिला। जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए मौके पर खड़े रहकर वह अलाव जलवाया। नदीगांव कस्बे में जरूर दोनों चिन्हित स्थानों पर अलाव जलते हुए पाए गए। इस दौरान नायब तहसीलदार ने सड़क किनारे पड़े ठंड से कांप रहे लोगों को कंबल भी बांटे। (संवाद)