उरई। जिले में रविवार को एक छात्रा समेत तीन लोगों ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला इंदिरा नगर निवासी छात्रा दीक्षा राठौर(14) ने घर के कमरे में दुपट्टे से फांसी लगा ली। जब परिजनों ने उसे फांसी पर लटका देखा तो उनके हाथ पांव फूल गए। आननफानन में उसे फंदे से उतारा और जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बाबा रामशंकर ने बताया कि किसी बात के चलते परिजनों ने दीक्षा को डांट दिया था। जिससे नाराज होकर उसने ऐसा कदम उठा लिया। वह कक्षा दसवीं में पढ़ती थी। पिता खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते है। उसकी दो बहनें रक्षा और प्रतीक्षा है। बेटी की मौत से पिता विपेंद्र, मां ममता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उधर, मुहम्मदाबाद डकोर थाना क्षेत्र के खरका गांव निवासी करन सिंह के 25 वर्षीय पुत्र देवेंद्र ने खेत पर लगे पेड़ से साफी का फंदा बना फांसी लगा ली। जब परिजनों ने उसे फांसी पर झूलता देखा तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को उतरवाकर जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि उसका दिमागी रूप से संतुलन बिगड़ा था। तीन भाइयों में पहले नंबर का था। उसकी शादी नहीं हुई थी। पिता करन सिंह मां कृष्णा का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते है। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की जांच पड़ताल की जाएगी
वहीं सिरसाकलार थाना क्षेत्र के गहपुरा गांव निवासी 62 वर्षीय वृद्ध भगवानदास पाल ने शनिवार की देर शाम खेत में लगे बबूल के पेड़ से रस्सी का फंदा बना कर फांसी लगा ली। वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब उसे फांसी पर लटका देखा तो सूचना परिजनों को दी। परिजन रोते बिलखते खेत पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। भतीजे मानसिंह ने बताया कि पिछले काफी दिनों से भगवानदास परेशान चल रहे थे। इसी के चलते उन्होंने फांसी लगा ली। उनके दो पुत्र व दो पुत्री है। भगवानदास की मौत से पत्नी ढकेली व परिजनो का रो-रोकर बुरा हाल है।