टेंट के ऊपर टीनशैड लगा कर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करते परिजन
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कोंच। प्रस्तावित श्मशान घाट पर बारिश के वक्त अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजनों को टेंट के पाइपों पर टीन शेड डालना पड़ा। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ। हैरत की बात यह भी है कि अधिकारी मामले की जानकारी से ही इंकार कर रहे हैं। फिलहाल श्मशान घाट की अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।
तहसील क्षेत्र के ग्राम वरोदा कलां निवासी जगदीश अहिरवार (65) का बीमारी के चलते मंगलवार को निधन हो गया था। बुधवार को उनका शव लेकर परिजन गांव में श्मशान घाट के लिए प्रस्तावित जगह पर पहुंचे। जहां पहले से ही अंतिम संस्कार हो रहे रहे हैं। बुधवार को रिमझिम बारिश के कारण खेत की तरह पड़े श्मशान घाट पर चिता जलाने का कोई इंतजाम नहीं था। इस पर परिजनों के सामने चिता जलाने की समस्या खड़ी हो गई। शव को बारिश से बचाने के लिए परिजन कोंच स्थित एक टेंट हाउस से टेंट लगाने वाले पाइप लेकर वापस श्मशान घाट पहुंचे और फिर उन्हीं पाइपों पर टिन डालकर किसी तरह शव का अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार को इस अंतिम संस्कार का वीडियो वायरल हो गया तो जिम्मेदार अधिकारी भी बगलें झांकने लगे। इस संदर्भ में सपा की एमएलसी रमा निरंजन का कहना है कि श्मशान घाट की समस्या पहली मर्तबा उनके सामने आई है, वे उसे अपनी निधि से पूरा कराने का हर संभव प्रयास करेंगी।
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51 साल पहले बना था श्मशान का प्रस्ताव
गांव के वीरसिंह, चरणसिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि 1972 में चकबंदी के वक्त जमीन श्मशान घाट के लिए आवंटित की गई थी। तब से लेकर अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी ने इसे पूरा कराने तो दूर। कोई भी सुविधा मुहैय्या कराने का प्रयास नहीं किया है।
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मंत्री और विधायक के क्षेत्र का है वरोदा गांव
बता दें कि वरोदा कलां गांव कोंच तहसील का गांव है। केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा और माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन भी कोंच के ही रहने वाले है। बावजूद इसके श्मशान घाट का निर्माण न हो सका। इस संदर्भ में विधायक से संपर्क करने पर पता लगा कि वे किसी बैठक में व्यस्त हैं।