उरई। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान का आयोजन इस बार सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े के साथ 2 अगस्त से जिलेभर में मनाया जाएगा। यह अभियान 2 से 11 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान फ्रंटलाइन वर्कर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर भ्रमण कर एक से 19 साल तक के बालक, बालिकाओं को पेट के कीड़े निकालने की दवा एल्बेंडाजोल टेबलेट खिलाएंगी।
एसीएमओ डॉ एसडी चौधरी ने बताया कि जालौन समेत प्रदेश के 17 जनपदों में बच्चों को पेट के कीड़े निकालने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। इसमें एक से दो साल तक के बच्चों को एल्बेन्डाजोल की 200 एमजी की आधी गोली चूरा बनाकर पानी से खिलाई जाएगी। जबकि दो से तीन साल के बच्चों को पूरी गोली चूरा बनाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी। 3 से 19 साल तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की 400 एमजी की पूरी गोली खिलाई जानी है। इसके लिए 1226 टीमें बनाई गई है जो अपनी निगरानी में बच्चों को दवा खिलाने का काम करेंगी। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी डीसीपीएम, बीसीपीएम, बीपीएम व बाल विकास परियोजना के अधिकारियों को भी दी गई है। आशा कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वह बच्चों के माता-पिता या अभिभावक से साफ कटोरी मांगे और उन्हीं के सामने बच्चे को दवाई खिलाएं। किसी भी दशा में दवा बच्चों के माता पिता को दवा न दी जाए। अपने सामने ही दवा खिलाई जाए। डीईआईसी मैनेजर रवींद्र सिंह चौधरी ने बताया कि जिले के सात लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाई जानी है। डीसीपीएम धमेंद्र ने बताया कि अभियान में ग्रामीण क्षेत्र की 1181 व शहरी क्षेत्र की 45 आशा कार्यकर्ता,आंगनबाड़ी के साथ दवा खिलाएंगी और एएनएम, सीएचओ इसकी रोजाना मानीटरिंग करेंगी।