उत्तर प्रदेश की जालौन जिला जेल में कानपुर निवासी बंदी की मौत के बाद शनिवार को पहुंचे परिजनों ने जेल पुलिस पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। मृतक के पिता ने कहा कि शरीर पर चोट के निशान हैं। आरोप लगाया कि मौत जेल में पिटाई से हुई है वहीं जेल प्रशासन ने मौत की वजह बीमारी बताई थी। परिजनों का यह भी कहना था कि बंदी की वास्तविक उम्र 26 साल है जबकि जिला अस्पताल में 44 साल लिखाई गई है।
हंगामे की सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी व कोतवाल ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजन जेल स्टाफ व उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। एसडीएम सतेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को आश्वासन दिया कि तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। यदि पिटाई की बात सामने आई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
कानपुर नगर के कल्याणपुर थाना निवासी अक्षय कुमार उर्फ राहुल जिला जेल में हत्या व हत्या के प्रयास के मामले में बंद था। शुक्रवार को जेल प्रशासन ने उसकी हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल पहुंचाया था। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पर जेल प्रशासन ने हार्ट अटैक से मौत होना बताया था।
मौत की सूचना जब परिजनों को मिली तो शनिवार की सुबह मृतक के पिता रामसेवक जो कि गाजियाबाद में वाणिज्य कर विभाग में कांस्टेबल पद पर तैनात हैं, पत्नी पुष्पा, बेटी गोतमी, व नातिन दिव्यांश व अन्य परिजनों के साथ मोर्च्युरी पहुंचे और राहुल के शव को देख हंगामा करने लगे। आरोप है कि राहुल के शरीर पर चोटों के निशान हैं। हंगामे की सूचना पर फोर्स के साथ पहुंचे कोतवाल सुधाकर मिश्रा ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया।
इस दौरान परिजनों व पुलिस की तीखी झड़प भी हुई। परिजन शव को सड़क पर ले जाने का प्रयास करने लगे, पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन्हें रोका। परिजन लगातार जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। कुछ देर बाद एसडीएम सत्येंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को आश्वासन दिया। मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। डाक्टरों के पैनल द्वारा वीडियो ग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
इसके बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया। परिजनों का आरोप था कि जेल प्रशासन ने राहुल की उम्र जिला अस्पताल में 44 साल उम्र लिखाई थी, जबकि वास्तविक उम्र 26 साल ही है। एसडीएम ने जब दोपहर के वक्त पैनल से पोस्टमार्टम कराने की बात कही, तब जाकर परिजन शांत हुए। एसडीएम का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
जेल प्रशासन को कोसते हुए चीख पड़ी मां
अक्षय उर्फ राहुल की मां जैसे ही पहुंची और बेटे के शव को देखा तो उसके शरीर लगी चोटों के निशान को देख वह चीख पड़ी, बोली कि जालिमों ने बेटे को मार ही डाला। परिजनों के मुताबिक राहुल के शरीर में पेट, गर्दन, पैरों में चोटों के निशान हैं। इससे साफ है कि उसकी पिटाई की गई है। इससे ही उसकी जान गई है।
दोस्त की हत्या का आरोप लगा था
पुलिस ने बताया कि राहुल कन्नौज से बीटीसी की पढ़ाई कर रहा था। उसके साथ उसका एक दोस्त भी रहता था। दोस्त करीब एक साल पूर्व अभिषेक की बिल्हौर में मौत हो गई है। इसी मामले में अभिषेक के परिजनों ने राहुल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर माती जेल भेजा था। उरई जेल में आए हुए उसे बहुत अधिक समय नहीं हुआ है।
पहले भी लग चुके पुलिस पर आरोप
राहुल की पिटाई का मामला कोई पहला मामला नहीं है। जब पुलिस पर इस तरह के आरोप लगे हों। साल भर पहले चुर्खी थाने में युवक के फांसी लगाने पर भी पुलिस पर पिटाई के आरोप लगे थे। इसी तरह चार माह पूर्व उरई कोतवाली में भी पुलिस हिरासत से छूटी युवती ने फांसी लगाई तो परिजनों ने सिपाही व दरोगा पर पिटाई पर आरोप लगाया था।