जालौन शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेलनगर कोंच रोड स्थित हाता में बीती 16 जनवरी की रात को चौकीदार की हत्या के बाद शव जलाने में चार आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। उनके पास से अवैध असलाह भी बरामद किए गए हैं। एएसपी ने गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में घटना का खुलासा किया।
कृषि यंत्र व्यापारी कृष्ण मुरारी मिश्रा निवासी मोहल्ला नया पटेल नगर का कोंच रोड स्थित कृषि यंत्र गोदाम है। वहां बीती 16 जनवरी की रात को चौकीदार धर्म कुशवाहा (50) निवासी मिहोना जिला भिंड मध्य प्रदेश की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं बदमाशों ने उसके शव को जलाने का भी प्रयास किया था।
घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश गोदाम में खड़ी बोरिंग मशीन और ट्रैक्टर को लूट ले गए थे। हालांकि औरैया सीमा में प्रवेश करने से पहले ही कुठौंद पुलिस की मुस्तैदी से बदमाश ट्रैक्टर व बोरिंग मशीन वहीं छोड़कर भाग निकले थे। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ उरई कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने उरई कोतवाली पुलिस सहित एसओजी व सर्विलांस टीम को हत्याकांड का खुलासा करने के लिए लगाया था। पुलिस ने बीते बुधवार को शहर के इकलासपुरा रोड से प्रदीप उर्फ छोला, कैलाश, नाहर सिंह और दौलत सिंह सभी निवासी शेरपुर थाना डेरापुर जिला कानपुर देहात को दबोचा। इनके पास से हत्या में प्रयुक्त हुए चार चाकू सहित 315 बोर के दो तमंचे, चार कारतूस और मृतक का मोबाइल बरामद हो गया।
हत्याकांड का खुलासा कर रहे अपर पुलिस अधीक्षक डॉ अवधेश सिंह ने बताया कि घटना को अंजाम देने में मुख्य भूमिका प्रदीप उर्फ छोला ने निभाई है। प्रदीप करीब एक साल पहले कृष्ण मुरारी के ही कृषि यंत्र गोदाम में काम करता था और चौकीदार धर्म सिंह को जानता था। उसने ही अपने गांव के दोस्तों के साथ गोदाम से ट्रैक्टर बोरिंग मशीन लूटने के मकसद से ही हत्याकांड को अंजाम दिया था।
घटना का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाने वाले उरई कोतवाल सुधाकर मिश्रा, एसओजी प्रभारी प्रवीण कुमार, सर्विलांस प्रभारी केबी सिंह, कोतवाली के उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश तिवारी, शैलेंद्र चौहान, निरंजन सिंह, मनोज सोनकर, नीतू कुमार, कर्मवीर सिंह, सोमेश त्रिपाठी, प्रदीप कुमार, आशुतोष सिंह, प्रगति शर्मा समेत आदि पुलिस कर्मी शामिल रहे। एएसपी ने टीम पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
नौकरी से हटवाना बना चौकीदार की मौत का कारण
मुख्य हत्यारोपी प्रदीप कुमार ने बताया कि वह एक वर्ष पहले इसी जगह चौकीदारी का काम करता था। मृतक धर्म सिंह ने उसे हटवाकर खुद वहां पर नौकरी करने लगा था। इसी खुन्नस के चलते उसने धर्म सिंह की हत्या करने की ठान ली। इसके बाद उसने तीन साथियों के साथ हाता में पहुंचकर धर्म सिंह की चाकुओं से गोदकर हत्याकर दी थी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए उसे डीजल डालकर आग के हवाले कर दिया।