कदौरा। क्षेत्र के ग्राम चंदरसी व कानाखेड़ा के बीच करीब दो किलोमीटर सड़क अधूरी पड़ी है। कच्चा रास्ता होने से इस मार्ग से जुड़े आधा दर्जन गांव के बाशिंदों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ये है कि बारिश के दिनों में पैदल चलना भी मुश्किल है। इससे लोगों को कई किलोमीटर घूम कर कदौरा व कालपी के बाजारों में जाना पड़ता है। कई बार मांग के बाद भी इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
ब्लाक क्षेत्र के ग्राम चंदरसी व कानाखेड़ा के बीच दो किलोमीटर की सड़क कच्ची होने के कारण अल्मोड़ा डेरा, समसी बसरेही, कुनेहटा, सरसई डेरा, नगवां चंदरसी, मोहर देवी मैदाने बाबा, कानाखेड़ा सहित एक दर्जन गांव के बाशिंदों को कदौरा मुख्यालय आने के लिए 20 से 25 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ती है। चंदरसी प्रधान रामकुमार राजपूत व बसरेही प्रधान सतीश राजपूत ने बताया कि इस सड़क का निर्माण जिला पंचायत से होना था। मई जून 2019 में 440 मीटर सीसी भी डाली गई, पर उसके बाद कोई कार्य नहीं हुआ, शिकायत भी की पर किसी ने नहीं सुना।
चंदरसी निवासी अल्ताफ खान व प्रभात कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने पिछले वर्ष सड़क निर्माण के लिए पथरेहटा जलालपुर मार्ग पर जाम लगाया था, जिसके बाद अधिकारियों ने पहुंच कर जल्द कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था, पर उसके बाद भी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। स्थिति यह है कि यहां के बाशिंदों को एंबुलेंस या सरकारी मदद नहीं मिल पाती है, इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाशिंदे राहुल कुमार, अंकित सिंह व नरेश राजपूत ने बताया की सड़क बनवाने के लिए विधायक से लेकर सांसद तक के गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला। बरसात के महीनों में रिश्तेदार नहीं आ पाते है और बीमार लोगों को ले जाना मुश्किल होता है। इस संबंध में बीडीओ अतिरंजन सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है, जांच की जा रही है कि काम क्यों रुका था। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखा है, तीन सदस्यीय टीम को मौके पर भेजा जा रहा है और जल्द समस्या से ग्रामीणों को निजात मिलेगी।