उरई। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू मुक्त युवा अभियान के तहत शुक्रवार को जीआईसी में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जनपद सलाहकार तृप्ति यादव ने कहा कि सभी विद्यालयों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान बनाना है। शैक्षणिक संस्थान के गेट के बाहर की दीवार पर तंबाकू मुक्त परिसर संकेत बोर्ड का प्रदर्शन किया जाए।
तंबाकू उपयोग करने के प्रमाण उपलब्ध नहीं होना चाहिए। सिगरेट, बीड़ी के टुकड़े या गुटका के पाउच, थूक के धब्बे आदि विद्यालय परिसर में नहीं होना चाहिए। शिक्षण संस्थान परिसर में तंबाकू के हानिकारक प्रभाव से संबंधित पोस्टर लगवाएं और तंबाकू नियंत्रण संबंधित एक गतिविधि, पोस्टर, निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई जाए। साथ ही शिक्षण संस्थान के बाहर 100 गज के दायरे में येलो लाइन का चिह्नित करवाई जाए। सभी शिक्षण संस्थानों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक स्व मूल्यांकन करेंगे। सभी अध्यापकों को अपनी कक्षा में छात्र-छात्राओं को तंबाकू उपयोग न करने एवं तंबाकू उत्पादन के दुष्प्रभाव की जानकारी प्रदान करने के लिए बताया गया। प्रशिक्षण अध्यापक प्रवीण गुप्ता, कुलदीप गुप्ता, प्रमोद कुमार, शालिनी, मीनाक्षी, मिथिलेश, मदन पांडेय, शरीफ, फहाद आल आदि रहे। काउंसलर महेश कुमार ने शिक्षकों को तंबाकू मुक्त की शपथ दिलाई गई। (संवाद)