फोटो - 05 पुलिस गिरफ्त में आरोपी। स्रोत विभाग
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कदौरा। वन्यजीव संरक्षण कानूनों की अनदेखी करते हुए दो ग्रामीणों ने प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए का शिकार कर उसे पकाकर खा लिया गया। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
क्षेत्रीय वन रेंज कदौरा के अंतर्गत हांसा निवासी राजू व चांद बाबू दोनों युवक गुरुवार को तालाब के किनारे घूम रहे थे। किनारे घूमते समय प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए को पकड़ लाए। दोनों ने इसे मारकर पकाया और भोजन के रूप में खाया। घटना की भनक लगते ही आसपास के लोगों में किसी ने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी। सूचना पर वन विभाग की टीम वन दरोगा मयंक दीक्षित, पुनीत सिंह और राघवेंद्र के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को हिरासत में ले लिया। टीम ने कछुए के अवशेष, पकाने में उपयोग किए गए बर्तन तथा अन्य सामग्री भी बरामद की। प्राथमिक जांच में पुष्टि हुई कि मारा गया कछुआ संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आता है, जिसका शिकार करना कानूनन अपराध है।
प्रभारी क्षेत्रीय वन अधिकारी वन दरोगा मयंक दीक्षित ने बताया कि दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 तथा संशोधित वर्ष 2022 की धारा 9,39,48,51 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।