कदौरा। कई सालों के लंबे इंतजार के बाद मुख्य बाजार से सब्जी मंडी तक बनी 200 मीटर लंबी कंक्रीट की सड़क महज दस दिन भी नहीं टिक सकी। आठ लाख रुपये की लागत से बनी सड़क अब जगह-जगह से उखड़ चुकी है। जिससे लोगों में जबरदस्त आक्रोश है, बल्कि नगर पंचायत पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।
क्षेत्रीय निवासी साजिद, अतीक, अभिजीत और गुलफशा का कहना है कि नगर पंचायत ने न तो निर्माण से पहले पानी की लीकेज पाइप लाइन सुधारी और न ही मानक के अनुसार सामग्री का उपयोग किया। निर्माण के साथ-साथ सड़क लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। नागरिकों का कहना है कि यह सड़क वर्षों बाद बनी थी, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद थी। सड़क बनने के कुछ ही दिनों में इसकी परतें टूटकर बिखर गईं और जगह-जगह गड्ढे व जलभराव की स्थिति बन गई है।
लोगों ने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन और ऑफलाइन नगर पंचायत कार्यालय में दर्ज कराई है। शिकायतों में निर्माण में अनियमितता बरते जाने की आशंका जताकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। जेई शिरोमणि सिंह ने बताया कि ठेकेदार का भुगतान रोक कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं ईओ राम अचल कुरील ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर जांच होगी, दोषियों पर कार्रवाई होगी और सड़क दोबारा बनवाई जाएगी।
सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का हुआ उपयोग
रीनू ने कहा कि सिर्फ 10 दिन में सड़क का उखड़ना दर्शाता है कि घटिया सामग्री का उपयोग हुआ। अफसरों ने आंखें मूंद लीं और जनता का पैसा पानी में बहा दिया। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय दुकानदार बन्ने ने कहा किक यह घोर लापरवाही है। आधारभूत समस्याएं जैसे पानी की लीकेज हल किए बिना सड़क डाल दी गई। अब रोज जलभराव होता है, जिससे आने-जाने में परेशानी और हादसे का डर बना रहता है।