फोटो - 32 पहाड़गांव में बना बदहाल हुआ मिनी स्टेडियम। संवाद
पहाड़गांव। जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से स्थापित एकमात्र मिनी स्टेडियम आज उपेक्षा का शिकार होकर बदहाली की दास्तां बयां कर रहा है। युवा कल्याण विभाग के अधीन यह मिनी स्टेडियम रखरखाव के अभाव में अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। स्टेडियम की बाउंड्री कई स्थानों से टूटी हुई है, जिससे आवारा पशुओं का प्रवेश आम हो गया है और मैदान की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। मैदान में जगह-जगह गड्ढे हैं, घास उगी हुई है और बारिश के बाद पानी भर जाता है जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास करने में कठिनाई हो रही है और चोट लगने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय युवाओं ने बताया कि स्टेडियम के निर्माण के समय उनके मन में यह उम्मीद जगी थी कि यह क्षेत्र के खिलाड़ियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालांकि, सुविधाओं के अभाव के कारण उन्होंने यहां आना लगभग बंद कर दिया है। खिलाड़ियों रवि कुमार, मोनू और दीपक ने बताया कि स्टेडियम में न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का प्रावधान है। शाम के समय प्रकाश की व्यवस्था न होने के कारण खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते। टूटी हुई बाउंड्री के कारण आवारा पशु मैदान में घूमते रहते हैं, जिससे मैदान की स्थिति और भी बिगड़ रही है।
युवाओं का आरोप है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से स्टेडियम की समस्याओं को लेकर शिकायत की है, परंतु हर बार बजट की कमी का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है। युवा कल्याण विभाग की इस उदासीनता के चलते जिले की खेल प्रतिभाएं निजी मैदानों या सड़कों पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते स्टेडियम का कायाकल्प नहीं किया गया, तो इसके निर्माण का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
युवाओं ने जिला प्रशासन और खेल विभाग से मांग की है कि मिनी स्टेडियम के रखरखाव के लिए तत्काल बजट जारी किया जाए। इसमें बाउंड्री की मरम्मत, मैदान का समतलीकरण और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे बैठने की व्यवस्था, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था शामिल होनी चाहिए। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने पर ही जिले के युवा खिलाड़ियों को बेहतर मंच मिल सकेगा और वे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पाएंगे। वर्तमान स्थिति ऐसे ही बनी रही तो जिले की खेल प्रतिभाएं दम तोड़ देंगी।
बजट की कमी के चलते स्टेडियम का कायाकल्प नहीं हो पा रहा है। शासन से बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही जल्द ही कायाकल्प करा दिया जाएगा।
राजीव उपाध्याय, युवा कल्याण अधिकारी।