उरई। 10 दिन पहले लापता हुए युवक का शव जंगल में क्षत विक्षत हालत में पड़ा मिला। दुर्गंध आने पर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। शव मिलने की जानकारी पर सीओ थाना पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त कराई। शव को जानवरों ने नोच दिया था। परिजनों ने दो लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। सीओ ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आराजीलेन निवासी वकील (37) को मोहल्ले का ही ताहिर आठ दिसंबर को काम पर ले जाने की बात कहकर घर से ले गया था। रात में जब वह नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी ताहिर के यहां तलाश की, लेकिन उसने कोई जानकारी नहीं दी। इस पर अनहोनी की आशंका जताते हुए वकील की मां कमरून ने 17 दिसंबर को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी।
बुधवार दोपहर नदीगांव पुलिस को सूचना मिली कि गिदवासा गांव के जंगलों में क्षत विक्षत हालत में शव पड़ा है। सूचना पर सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार पचौरी, एसओ नदीगांव दिव्य प्रकाश तिवारी, एसएसआई कोंच अभिलाष मिश्रा सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे और गिदवासा गांव से सिद्धबाबा मंदिर के रास्ते तकरीबन 800 मीटर दूर जंगल में लगभग 50 फीट गहरे खंदक में कोंच से लापता युवक का क्षत विक्षत शव मिला। शव को जंगली जानवरों ने आधा नोच डाला था। शव को देखकर लग रहा था कि दो तीन दिन से पड़ा रहा।
मृतक के बड़े भाई रसीद ने शव की शिनाख्त अपने भाई वकील के रूप में की। पुलिस ने शव को खंदक से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फील्ड यूनिट की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। सीओ का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, मृतक की मां कमरून की तहरीर पर ताहिर सहित दो लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
बोला था आरोपी, वकील मरे चाहे जिए मेरी गारंटी नहीं
कोंच। आठ दिसंबर को अपने साथ ले गया आरोपी ताहिर 15 दिसंबर को वापस कोंच पहुंचा। उसी दिन आरोपी मृतक वकील के घर पहुंचा और परिजनों से बोला कि वकील को वह भदेवरा में छोड़कर आ गया है। वह अब चाहे मरे चाहे जिए उसकी कोई गारंटी नहीं है। उसके बाद से आरोपी फिर लापता हो गया। इसके बाद परिजनों की और चिंता बढ़ गई। परिजनों की सूचना पर कोतवाली पुलिस लापता की तलाश में जुट गई थी।