आटा (जालौन)। आटा क्षेत्र के बेतवा नदी में एक किशोरी का शव उतराता देख नदी किनारे भीड़ लगना शुरू हो गई। सूचना पाकर पहुंचे थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने शव को बाहर निकाला और कुछ देर बाद उसकी शिनाख्त होने पर वापस नदी में प्रवाहित करा दिया। उन्होंने बताया कि बीमारी से किशोरी की मौत होने पर परिजनों ने ही शव प्रवाहित किया था।
ग्राम कहटा स्थित बेतवा नदी के किनारे शनिवार सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने एक किशोरी का शव नदी में उतराता देखा तो हड़कंप मच गया। क्षेत्र में चर्चा फैल गई कि हो न हो शव पांच दिन पूर्व नदी में बही गुड़िया और सोना में किसी का हो सकता है। जैसे ही यह सूचना किशोरियों के घरों पर पहुंची तो वे भी वहां पहुंच गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह शव को बाहर निकाला तो देखा कि किशोरी का शव में रस्सी से पत्थर व बोरी आदि से बंधा था। सोना और गुड़िया के परिजनों के साथ आए कहटा गांव के लोगों ने पुलिस को बताया कि शव उन दोनों बच्चियों का नहीं है। बाद में पता चला कि समीप के कुसमरा गांव में लगभग 10 दिन पूर्व एक किशोरी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी, उसी का है। परिजनों ने जिसका जल प्रवाह किया था। इसके बाद पुलिस ने शव नदी में ही फिर से प्रवाहित करा दिया।