कुठौंद/रामपुरा। कानपुर नगर के सचेंडी थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो युवकों के शव बुधवार को उनके कुठौंद और रामपुरा स्थित घर पर पहुंचे। इसकी खबर मिलते ही रिश्तेदार और आस-पास के लोग सांत्वना देने के लिए उनके घरों में पहुंच गए। परिवार के लोग अपने लाल के शव से लिपट कर बिलख पड़े। लोगों ने किसी तरह दुखी परिजनों को संभाला।
कस्बा कुठौंद निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक विजय सिंह सेंगर का बेटा कामता सिंह सेंगर (28) कानपुर नगर के सचेंडी क्षेत्र में एक निजी कंपनी में काम करता था। उसके दोस्त रामपुरा थाने के जाएघा गांव निवासी सुंदर सिंह (19) और रिंकू सिंह (32) भी उसके साथ उसी कंपनी में काम करते थे। तीनों कानपुर में किराए के मकान में एक साथ रहते थे। कामता के परिजनों ने बताया कि कामता, सुंदर व रिंकू मंगलवार रात किसी काम से कानपुर के रनियां जा रहे थे।
उसी दौरान इटावा की ओर आ रही बस को ओवरटेक करने के चक्कर में सामने से आ ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में कामता और सुंदर की मौत हो गई। रिंकू का अस्पताल में उपचार चल रहा है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव लेकर परिजन अपने-अपने गांव पहुंचे, को वहां देखते ही देखते कोहराम मच गया। रिश्तेदारों व आस-पास के लोगों ने दुखी परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराया।
कुठौंद निवासी कामता का विवाह चार वर्ष पहले हुआ था। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शिवमंगल 14 माह और छोटा सिर्फ 32 दिन का है। कामता की मौत से दोनों मासूमों के सिर से भी पिता का साया उठ गया।