मुहम्मदाबाद। एक सप्ताह से मध्यप्रदेश में हो रही लगातार बारिश से माताटीला व राजघाट बांध एक बार फिर से लबालब हो गए हैं। जिसके चलते रविवार सुबह माताटीला बांध से 2 लाख और राजघाट बांध से एक लाख क्यूसेक पानी बेतवा नदी में छोड़े जाने से बेतवा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। बेतवा का जलस्तर 119.40 मीटर पर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान 122.66 मीटर से तीन मीटर कम है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम जयेंद्र कुमार का कहना है कि बेतवा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और किसी हालात से निपटने के पुख्ता इंतजाम है।
शनिवार रात को एक बार फिर माताटीला बांध से दो लाख और राजघाट से एक लाख क्यूसेक पानी बेतवा नदी में छोड़ने की सूचना है। इससे बेतवा में जलस्तर बढ़ गया है। खतरे के निशान से बेतवा का जलस्तर महज तीन मीटर कम है। बेतवा नदी में तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की सूचना पर निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीण रात भर जागकर जलस्तर की जानकारी ले रहे हैं तो निचले इलाकों में पानी घुसना शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत दिखाई देने लगी है।
एडीएम पीके सिंह के निर्देश पर नहर विभाग के अधिकारी और स्थानीय कर्मचारी भी जलस्तर की जानकारी लेते रहे है। मगर बाढ़ से निपटने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिखाई दिए। एसडीएम जयेंद्र कुमार का कहना है कि बेतवा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। नदी के निचले इलाकों के ग्राम प्रधानों व सचिवों को निर्देश दे दिए गए है कि वह चौबीस घंटे जलस्तर पर नजर रखे और ग्रामीणों को भी अलर्ट रहने को कहें। नदी के किनारे खेती करने वाले और झोपड़ी बनाकर रहने वाले किसानों को भी हटा दिया गया है।
इन गांवों में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
बेतवा नदी का जलस्तर 119 मीटर पर पहुंच जाने से बेतवा नदी के निचले इलाकों में बसे गांव मुहाना, माकरेछा, सिमिरिया, कहटा, बंधौली, गुढ़ा, हैदलपुर, खरका, ददरी आदि में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
50 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर
एमपी में भारी बारिश होने से बुंदेलखंड के सभी बांध लबालब हो गए है। वहीं लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बेतवा के जलस्तर में बढ़ोतरी होती दिखाई दे रही है। जिसकी रफ्तार 50 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से जलस्तर में वृद्धि हो रही है।
प्रशासन ने बेतवा का रुख देखकर जारी किया अलर्ट
लगातार बांधों से बेतवा नदी में लाखों क्यूसेक पानी छोड़ने से जिला प्रशासन ने शहर व गांवों के निचले इलाकों में पड़ने वाले मोहल्लों में चेतावनी जारी की है। एडीएम ने सभी अधिकारियों और बाढ़ चौकी प्रभारियों को अलर्ट रहने और जलस्तर पर नजर बनाए रहने के निर्देश दिए है।
कमिश्नर ने हालात का जायजा लिया
झांसी मंडलायुक्त सुभाष चंद्र ने शनिवार देर शाम को डकोर क्षेत्र के ग्राम मुहाना स्थित बेतवा नदी का हाल देखा। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पुख्ता इंतजाम करने को कहा।
कछार क्षेत्र में तिलहन की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
कोटरा। रविवार को माताटीला बांध से एक बार फिर बेतवा नदी में 120 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, इससे नदी उफ ान पर है। पिछले 24 घंटे से नदी बेतवा का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है, इससे नदी पटटी के गांवों के लोगों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इसके साथ ही नदी का पानी कोटरा मौजा के कछार क्षेत्र में बोई गई तिलहन की सैकड़ों एकड़ फसल में भर गया है, इससे किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। कोटरा के किसान महेश सिंह, लल्ला ढीमर, बड़े रायकवार, गिरीश खरे, सुरेश खरे ने बताया कि बड़ी मेहनत के बाद कछार क्षेत्र के किसानों ने अपने खेतों में तिलहन की फसल बोई थी, पर नदी के पानी ने किसानों के मंसूबों में पानी फेर दिया। उधर, ग्राम सिकरी व्यास की मुख्य सड़क पर पानी भरने से कोटरा से सिकरी का संपर्क टूट गया है सिकरी व्यास के लोगों को कोटरा आने के लिए नाव के सहारे निकलना पड़ रहा है।