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अनुदान जस के तस, बोरिंग के लक्ष्य में कटौती

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उरई। सिंचाई व्यवस्था में सरकारी नलकूप फ्लाप हो जाने के बाद शासन ने किसानों को अनुदान देकर गहरी और मध्यम बोरिंग योजना लागू की थी लेकिन लगातार लक्ष्य घटने के कारण किसान बोरिंग के लिए परेशान घूम रहे हैं।
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सरकारी योजना के तहत गहरी बोरिंग के लिए किसानों को एक लाख और मध्यम बोरिंग के लिए 75 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। इसके अलावा 68 हजार रुपये बिजली कनेक्शन और दस हजार रुपये नाली बनाने के लिए दिए जाते हैं। पहले सिंचाई विभाग में बोरिंग के लिए आवेदन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लिए जाते थे लेकिन धीरे-धीरे ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई। साथ ही लक्ष्य में भी कटौती की जाने लगी है।
किसान अनुराग कहते हैं कि वह कनेक्शन के लिए विभाग में गए तो कर्मचारियों ने बताया कि इस साल कितना लक्ष्य आएगा, वह बता नहीं सकते हैं लेकिन कनेक्शन के लिए करीब दो लाख रुपये खर्च हो जाएगा। अब दो लाख देने के बावजूद कब तक काम होगा, इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। इसके चलते किसान पैसा जमा करने में कतराने लगे हैं।
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लगातार घटता जा रहा है बोरिंग का लक्ष्य
लघु सिंचाई विभाग में वर्ष 2010-11 में 1636 बोरिंग आई थी। इसमें बड़ी संख्या में किसानों ने बोरिंग कराई थी लेकिन धीरे-धीरे लक्ष्य घटता चला गया। इस समय इस साल सिर्फ 66 बोरिंग मिली हैं। जिला योजना में अगले साल के लिए गहरी बोरिंग का 100 और मध्यम बोरिंग का 350 का लक्ष्य भेजा गया है। अब कितनी मिलती हैं, यह कोई बताने को तैयार नहीं है।
इस साल बजट में नलकूपों के लिए एक हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। ऐसे में उम्मीद है कि इस बार बोरिंग का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है। लाइन में लगे किसानों की प्राथमिकता के आधार पर बोरिंग कराई जाएगी।
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विजय कुमार, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई
जिले में मध्यम और गहरी बोरिंग का लक्ष्य
वर्ष गहरी बोरिंग लक्ष्य पूर्ति मध्यम बोरिंग लक्ष्य पूर्ति
2017-18 152 39 450 121
2018-19 100 48 350 130
2019-20 100 100 350 153
2020-21 100 40 350 34
2021-22 100 22 350 44
2022-23 100 - 350 -
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