उरई/कोंच/कदौरा/सिरसा कलार/आटा। सोमवार सुबह आई आंधी और तेज हवा से शहर से लेकर सौ से ज्यादा गांवों की बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। कहीं पोल टूट गए, कहीं जंपर टूटने से लाइनें ठप हो गईं। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर फुंक गए। हालात यह रहे कि कई क्षेत्रों में पांच से नौ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे भीषण गर्मी में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पेयजल संकट गहराने के साथ किसानों की सिंचाई भी प्रभावित रही।
शहर में सुबह करीब छह बजे आंधी शुरू होते ही कई स्थानों पर बिजली लाइनों में फॉल्ट आ गए। विभागीय टीमों ने पेट्रोलिंग शुरू की, लेकिन क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में घंटों लग गए। इसके चलते शहर में सुबह 11 बजे के बाद ही आपूर्ति सामान्य हो सकी। एसडीओ ऋषभ राजपूत ने बताया कि फॉल्ट ठीक कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
कोंच क्षेत्र में आंधी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। 132 केवी बिजलीघर से सप्लाई बाधित होने के कारण कस्बे के दोनों 33 केवी बिजलीघर बंद हो गए। भगत सिंह नगर में बिजली का पोल झुक गया, जबकि कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां लाइनों पर गिर गईं। ग्राम तुमरा में 25 केवीए और किशुनपुरा में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया। इमलोरी और कमतरी में बिजली के खंभे टूट गए। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद 11:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। अवर अभियंता अमन खान ने बताया कि जहां-जहां पोल टूटे हैं, वहां मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। फुंके ट्रांसफार्मर की जगह वैकल्पिक व्यवस्था कराकर नए ट्रांसफार्मरों के लिए एस्टीमेट भेज दिया गया है।
कदौरा क्षेत्र के परौसा बिजलीघर से जुड़े 15 से अधिक गांवों में सुबह छह बजे से देर शाम तक बिजली संकट बना रहा। 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित रही। बिजली बंद होने से पेयजल संकट गहरा गया। मोटर और सबमर्सिबल बंद होने से ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ा। वहीं, मूंग और प्याज की फसल की सिंचाई भी प्रभावित रही। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लगातार ब्रेकडाउन की समस्या बनी हुई है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा। जेई मिठाईलाल ने बताया कि 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने से इनपुट ब्रेकडाउन हुआ है। इसके चलते आपूर्ति बाधित हुई। फॉल्ट को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से जारी है।
सिरसा कलार और नियामतपुर बिजलीघरों की सप्लाई भी आंधी से प्रभावित रही। सरसेला के पास 33 हजार केवी लाइन का जंपर टूट जाने से करीब 60 गांवों में सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक बिजली गुल रही। गर्मी के बीच बिजली न होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मोबाइल डिस्चार्ज होने से लोगों का संपर्क प्रभावित रहा, जबकि शादी वाले घरों में सबसे ज्यादा परेशानी देखने को मिली। कई लोगों को निजी खर्च पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़े। जेई नवीन सचान ने बताया कि जंपर टूट जाने से समस्या हुई थी, उसे ठीक करा दिया गया है।
आटा में तेज हवा चलने से दो स्थानों पर एचटी लाइन के तार टूट गए, जिससे सुबह 6 बजे से बाधित बिजली आपूर्ति शाम करीब 4 बजे बहाल हो सकी। इस दौरान लगभग 10 घंटे तक क्षेत्रवासियों को बिना बिजली के रहना पड़ा और पेयजल संकट भी गहरा गया। घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए और पेयजल आपूर्ति ठप होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नलों से पानी न आने पर ग्रामीणों को इधर-उधर भटकना पड़ा और गर्मी व उमस में दिक्कतें और बढ़ गईं। सूचना पर बिजली विभाग की टीम ने फॉल्ट की तलाश शुरू की और पेट्रोलिंग के दौरान आटा-इटौरा मार्ग पर टूटा हुआ तार मिला। इसी दौरान हाईवे स्थित साईं मंदिर क्षेत्र की लाइन भी क्षतिग्रस्त पाई गई और नलकूपों की एचटी लाइन टूटने से जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित रही। मरम्मत कार्य में विभागीय कर्मचारियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी और देर शाम तक लाइन जोड़कर आपूर्ति बहाल की गई।
घर में थी दावत, हुई परेशानी
सिरसा निवासी इंद्रपाल सिंह कुशवाहा ने बताया कि कि 7 मई को बेटी की शादी है। सोमवार को दावत रखी थी, बिजली न आने से परेशानी हुई। कई काम अटक गए, गर्मी के चलते मेहमान परेशान हो गए। खड़गोई निवासी आशिक ने बताया कि घर में कार्यक्रम है। सुबह से बिजली न आने के कारण घर के सारे काम रुक गए और मेहमानों के लिए पीने के पानी का इंतजाम करने हेतु उन्हें निजी खर्च पर टैंकर मंगवाना पड़ा।