उरई। जिला पंचायत चुनाव के आखिरी दौर में कांग्रेस ने अपने पत्ते खोलते हुए उर्मिला सोनकर खाबरी को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं उर्मिला ने निज निवास में प्रेस वार्ता कर अन्य दलों के समर्थन की बात कही है। उन्होंने कहा कि विरोधी उन्हें डराना चाहते है, जिसके चलते प्रशासन के माध्यम से बेवजह उनके मकान की नाप जोख भी कराई जा रही है।
उन्होंने सत्तापक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा, बसपा व निर्दलीय सभी दलों का समर्थन है। इसे देखकर सत्तापक्ष से जुड़े लोग प्रशासन की मदद से उन्हें व पति पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर दबाव बना रहे है। आशंका जताई कि उन्हें नामांकन करने से भी रोका जा सकता है। बताया कि प्रशासन की ओर से पिछले साल के एक मामले में उनके पति के खिलाफ नोटिस भी भेजा है। इतना ही नहीं उरई स्थित उनके मकान को भी अवैध बताकर उसकी नापजोख की जा रही है। कहा कि प्रशासन की इस साजिश को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग में भी शिकायत की है। वहीं देर शाम कांग्रेस ने भी उन्हें आधिकारिक तौर पर प्रत्याशी घोषित करते हुए पत्र जारी कर दिया है। देर शाम सपा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह की ओर से जारी पत्र के मुताबिक पार्टी ने अपना समर्थन कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला को देने का फैसला किया है।
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प्रशासन की नामांकन की तैयारी की पूर्ण
उरई। जिला पंचायत के नामांकन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी पूर्ण कर ली है। शुक्रवार दिन भी कलक्ट्रेट में बेरिकेडिंग का कार्य चलता रहा। बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन शनिवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी कोर्ट में होना है। इसको लेकर कलक्ट्रेट परिसर में बेरिकेडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वहीं जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि नामांकन स्थल पर सिर्फ प्रत्याशी व उनके समर्थक ही अंदर जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि नामांकन में सभी प्रत्याशी व समर्थ कोविड की गाइड लाइन का पालन करें। इधर, शुक्रवार को कांग्रेस की प्रत्याशी उर्मिला ने भी चार पर्चे खरीदे।
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सात साल पुराना सांसदी का चुनाव याद आया
उर्मिला के मैदान में उतरते ही पंचायत अध्यक्ष के चुनाव का घमासान भी तेज हो गया है। सभी सात साल पुराना 2014 का वह लोकसभा चुनाव याद आ रहा है, जिसमें घनश्याम अनुरागी सपा से और बृजलाल खाबरी बसपा से आमने सामने थे। वक्त का पहिया घूमा और अब घनश्याम भाजपा से तो बृजलाल की पत्नी कांग्रेस से आमने सामने हैं।