उरई। बसपा-कांग्रेस और भाजपा के बाद सोमवार को सपा ने भी अभी तीनों प्रत्याशियों घोषणा कर दी है। इसमें सदर से एक बार और कोंच से दो बार विधायक और राज्यमंत्री रह चुके दयाशंकर वर्मा को फिर सदर सीट से मौका दिया गया है। वहीं, कालपी विधानसभा क्षेत्र में बसपा से तीन बार विधायक रहे श्रीरामपाल पर सपा ने फिर एक बार भरोसा जताया है। उधर, माधौगढ़ सीट पर नया चेहरा अमखेड़ा निवासी राघवेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाकर सबको चौंका दिया। इससे कई दावेदारों को निराश भी होना पड़ा है।
माधौगढ़। माधौगढ़-कोंच विधानसभा से सपा ने इस बार नया चेहरा अमखेड़ा निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया को टिकट देकर सियासी गलियारे में सबको चौंका दियौ। राघवेंद्र प्रताप ने मध्यप्रदेश से एमबीए किया हैं। वह मप्र के पूर्व गृहमंत्री गोविंद सिंह के दामाद हैं। मध्यप्रदेश में ठेकेदारी सहित अन्य कारोबार करते हैं। बताते हैं मैनपुरी निवासी बहनोई देवेश चौहान की सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नजदीकियों के चलते वह टिकट हासिल करने में कामयाब हो सके।
कालपी। श्रीराम पाल कालपी सीट से आठवीं बार चुनाव मैदान में उतरेंगे। मूल रूप से जालौन के सोनई परिवई गांव के रहने वाले श्री राम पाल ने अपना राजनीतिक सफर बसपा से शुरू किया था। 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा ने श्रीराम पाल का टिकट काट दिया तो वह सपा में शामिल हो गए, हालांकि वह हार गए। इसके बाद वह सपा के जिलाध्यक्ष भी रहे। सपा ने उन्हें तीसरी बार कालपी सीट से प्रत्याशी घोषित किया है।
उरई सदर सीट से सपा के प्रत्याशी बने दयाशंकर वर्मा मूल रूप से कोंच के मोहल्ला गोखलेनगर के निवासी हैं। पहली बार 1996 में कोंच से निर्दलीय चुनाव लड़े थे। इन्होंने किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत की पार्टी किसान मजदूर पार्टी के समर्थन से चुनाव जीतकर राजनीति सफर की शुरुआत की थी। 2000 भाजपा से जीत दर्ज की। 2007 में सपा में शामिल होकर कोंच सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 2012 में कोंच सीट खत्म होने के बाद सपा ने इन्हें सदर सीट से मौका दिया। इन्होंने बसपा के सत्येंद्र सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी।