दाह संस्कार संस्कार करता नाती।
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माधौगढ़। कोरोना की रोकथाम को लेकर लगाए गए लाकडाउन के चलते लोगों का दर्द सामने आने लगा है। दिल्ली, गुजरात में मजदूरी कर रहे बेटे अपने पिता की अंत्येष्टि में शामिल न हो सके। बेटे ने पत्नी से कहा कि पोते के हाथों से ही पिता की अंत्येष्टि करा दें। शायद त्रयोदशी तक घर आ सकें।
कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव धमना में बीमारी के बाद शनिवार रात मोतीलाल प्रजापति (78) की मृत्यु हो गई। मृतक के बेटे कन्हैयालाल एवं रामनारायण दिल्ली में प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। पिता की मौत की सूचना पर पुत्र कन्हैयालाल प्रजापति ने पत्नी प्रभादेवी से फोन पर कहा कि पिता की अंत्येष्टि में उसका और छोटे भाई रामनारायण का शामिल होना असंभव है।
इसलिए पोते लाली से ही पिता की मुखाग्नि दिलवा दें। पति की बात सुन प्रभा ने परिजनों से नाती द्वारा दाग देने की बात कहकर अंतिम संस्कार करा दिया। लॉकडाउन के चलते पिता की अर्थी को कंधा न दे पाने का बेटों को जिंदगी भर मलाल रहेगा।