उरई। जीवित वृद्ध को मृत दर्शाकर उसकी वृद्धावस्था पेंशन दो वर्ष पहले रोक दी गई। पेंशन न मिलने से परेशान वृद्ध ने जब पेंशन बंद होने के कारणों की जांच कराई तो पता चला कि पंचायत सहायक ने उसे मृत दर्शा दिया है। पीड़ित वृद्ध कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। लेकिन इसके बाद भी अभी तक उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
कुठौंद ब्लाक के जखा गांव निवासी रामरतन (66) ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसे वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। मार्च 2023 में उसकी पेंशन बंद कर दी गई। जब उसने पेंशन बंद होने के कारणों का पता किया तो उसे जानकारी हुई, कि उसे मृत घोषित कर दिया गया है। जिससे उसकी पेंशन बंद हो गई है।
वृद्ध का आरोप है कि पंचायत सहायक ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि वह अभी तक जीवित है। इसकी जानकारी उसने प्रधान व सचिव को दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पेंशन के लिए परेशान वृद्ध बीडीओ कुठौंद, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को भी अपनी समस्या बता चुका है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न होने से वह परेशान चल रहा है। उसने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि उसकी समस्या का समाधान कराकर उसकी पेंशन बहाल कराई जाए।