फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: चार सड़कों के नमूने फेल, जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय

विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड में भ्रष्टाचार किस कदर हावी है। इसका उदाहरण शासन द्वारा भेजी गई टीम ने उजागर कर दिया है।
विज्ञापन

टीम ने जो नमूने लैब में भेजे थे। उसमें चार सड़कों के नमूने फेल हो गए हैं। अब इन अधिकारियों पर कार्रवाई भी तय हो गई है। अधिकारियों की माने तो शासन जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर प्रांतीय खंड के और कार्यो की जांच कराई जाए तो और भी घोटाले सामने आ सकते हैं।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने जिले में कई सड़कों का निर्माण कराया है। इन सड़कों में घटिया सामग्री का भी प्रयोग किया गया। जब शासन द्वारा जिले में लोक निर्माण विभाग के कराए गए कार्यों की जांच के लिए आई एसएलसी टीम के मुख्य प्रभारी मुख्य अभियंता रवि दत्ता कानपुर ने 10 नवंबर को जिले में प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए सामान्य मरम्मत के साथ नवीनीकरण भेंपता संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया था। इसकी लंबाई 3.850 किलोमीटर व स्वीकृत लागत 37 लाख थी। वहीं, दूसरा मार्ग परेछा संपर्क मार्ग इसकी स्वीकृत लंबाई 3.350 किलोमीटर इसकी लागत 32 लाख है।
विज्ञापन

टीम में आए सहायक अभियंता ने दोनों मार्गों की लंबाई नापने पर 0.850 किलोमीटर से .900 किलोमीटर कम लंबाई पाई गई। तब टीम को पता चला कि अगर और भी सड़कों की स्थिति देखी जाए तो और भी गड़बड़ी मिल सकती है। इस पर टीम ने उरई से एट बंगरा भीखेपुर, उरई से मोहाना, परेछा संपर्क मार्ग व भेंपता मार्ग सहित कई मार्गों के नमूने लिए थे और टीम ने सड़कों की स्थिति को देखकर अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई थी।
टीम ने जब नमूने लैब में भेजे तो उरई से एट बंगरा भीखेपुर, उरई से मोहाना, परेछा संपर्क मार्ग व भेंपता सहित चार सड़कों के नमूने फेल हो गए। इससे अब विभागीय अधिकारियों में खलबली मची है। टीम ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। साथ ही शासन की तरफ से एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई की भी बात सामने आई है। लोगों का कहना है कि टीम ने इन सड़कों पर की गई घपलेबाजी को पकड़ लिया। अगर इसी तरह और भी सड़कों की जांच कराई जाए तो बड़ी संख्या में मामलों का खुलासा होगा। बताया कि प्रांतीय खंड में कई सड़कों का कुछ गड्ढों को भरकर भुगतान करा लिया है। अगर इसकी भी जांच कराई जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि अभी उन्हें किसी भी तरह का कोई पत्र नहीं मिला है। अगर शासन की तरफ से कोई पत्र मिलता है तो साझा किया जाएगा।
विज्ञापन



इस तरह किया गया सड़कों में खेल
उरई। लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त जेई आसाराम ने बताया कि अधिकतर अधिकारी अपने पंसदीदा ठेकेदार को काम दे देते हैं। इसके बाद गिट्टी की मात्रा को कम व डामर न के बराबर डालकर सड़क को बना देते हैं। इससे सड़क दिखने में तो अच्छी लगती हैं, लेकिन कुछ ही समय में दोबारा से वह खराब हो जाती हैं। फिर दोबारा गड्ढों को भरने का खेल चलता रहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें