फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बालाजी मंदिर के अधिग्रहण की कार्रवाई को लेकर भक्त नाराज

विज्ञापन
बैठक करते बालाजी भक्त। - फोटो : ORAI
विज्ञापन
जालौन। श्रीबालाजी सेवा समिति की बैठक समिति के अध्यक्ष दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में हुई। इसमें श्रीमेहंदीपुर बालाजी मंदिर की 400 साल पुरानी गद्दी को राजस्थान सरकार पर अधिग्रहीत करने का आरोप लगाते हुए विरोध किया गया।
विज्ञापन

समिति के अध्यक्ष दीपक सक्सेना ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान सरकार हिंदू सभ्यता का दमन करना चाहती है। श्रीमेंहदीपुर बालाजी मंदिर की 400 साल पुरानी गद्दी को सरकार सत्ता के बल पर अधिग्रहीत करने का प्रयास कर रही है। जो उचित नहीं है। सरकार इस कार्रवाई को जल्द से जल्द वापस नहीं लेगी तो श्रीबालाजी महाराज के भक्त सड़कों पर विरोध करेंगे। आशीष सोनी ने कहा कि विगत दिनों मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के अध्यक्ष एवं महंत किशोरीपुरीजी महाराज का देवलोकगमन हो गया था। इसका फायदा उठाते हुए राजस्थान सरकार ने मंदिर अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की। जिसे संत समाज ने गलत बताया। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के ब्रह्मलीन महंत ने ही 44 वर्ष पहले अपने शिष्य नरेशपुरीजी को दीक्षा देकर वारिस बनाकर उत्तराधिकारी घोषित किया था। चली आ रही वंशानुगत गद्दी पर ब्रह्मलीन महंत किशोरीपुरी के उत्तराधिकारी एवं मंदिर ट्रस्ट के वारिस नरेश पुरी महाराज को आसपास के पंच पटेलों द्वारा 12 दिन बाद गुरु गद्दी की चादर डालकर महंती दी जाएगी। ऐसे में सरकार सत्ता के बल पर कुचक्र चलाकर मंदिर की संपत्ति एवं ट्रस्ट को हड़पना चाहती है, जो भक्त कदापि नहीं होने देंगे। इस दौरान प्रखर सोनी, कैलाश बाबू वर्मा, देवेंद्र दीक्षित, रिषभ द्विवेदी, विपिन,लखन भदौरिया, शिवम गुप्ता, सुनील गुप्ता, अरविंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें