उरई। एंबुलेंस चालकों की कार्य बहिष्कार आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। उधर एंबुलेंस चालक पुलिस की मौजूदगी में अपनी-अपनी गाड़ियों की चाभियां जिला प्रभारी दीपक कुमार को देकर लखनऊ के लिए रवाना हो गए है। एंबुलेंस प्रबंधन अब प्राइवेट चालकों से किसी तरह काम चला रहा है। इसके चलते कुछ एंबुलेंस काम पर गई तो कुछ खड़ी रही।
बता दें कि जिले में 102 व 108 एंबुलेंस सेवा के एंबुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) के कुल 192 स्टाफ है। जो कार्य बहिष्कार आंदोलन कर रहे हैं। इनका कहना है कि एएलएस सेवा के स्टाफ का सेवायोजन किया जाए और उनका बकाया भुगतान किया जाए। उधर, एंबुलेंस प्रबंधन सख्ती पर आमादा है। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी दीपक कुमार पुलिस के साथ आंदोलनकारियों के पास पहुंचे और उन्होंने आंदोलनकारियों से कहा कि या तो वह काम पर लौट आए या फिर एंबुलेंस की चाभियां उन्हें सौंप दें। इस पर आंदोलनकारियों ने अपनी-अपनी एंबुलेंस की चाबियां जिला प्रभारी को सौंप दी। और इसके बाद प्रांतीय अपील पर लखनऊ के लिए रवाना हो गए। एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह का कहना है कि सरकार और एंबुलेंस प्रबंधन उनके खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर रहा है। उनके प्रांतीय नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर जेल भेजा गया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके प्रांतीय नेताओं की बिना शर्त रिहाई की जाए अन्यथा आंदोलन उग्र किया जाएगा।