उरई। चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंकने के मामले में मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष समेत 70 सपाइयों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं।
दिल्ली में सोमवार को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव सहित नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने में बैठा दिया था। इससे जिले के नेताओं में नाराजगी हो गई थी। सोमवार की दोपहर सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर के आह्वान पर विपक्ष के करीब एक सैकड़ा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया था।
पुलिस के सामने कार्यकर्ता प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ नारेबाजी करते रहे थे। इसके बाद कार्यकर्ता गांधी चबूतरे पर पहुंचे थे और करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया था।
इस पर पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर, सांसद प्रतिनिधि राजू अहिरवार, पूर्व शहर अध्यक्ष कांग्रेस रेहान सिद्दीकी, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी श्याम सुंदर, पूर्व सभासद मुकेश यादव समेत 60 व्यक्ति व दस महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने बिना किसी को सूचना दिए ही प्रदर्शन शुरू कर दिया और वह सड़क पर बैठ गए। इससे यातायात बाधित हुआ साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद वह चले गए। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीओ अर्चना सिंह ने बताया कि बिना अनुमति के सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच की जा रही है। सपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि यह लोकतंत्र की हत्या है। सरकार तानाशाही का रवैया रही है।
कालपी में भी सपा नगर अध्यक्ष समेत 20 कार्यकर्ताओं पर रिपोर्ट
कालपी। चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना सपा कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया। कोतवाली के उपनिरीक्षक ने सपा नगर अध्यक्ष समेत 20 कार्यकर्ताओं पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोतवाली क्षेत्र के टरननगंज चौकी इंचार्ज सुरेश चंद्र ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि सोमवार की शाम टरननगंज तिराहे पर सपा नगर अध्यक्ष अजीत यादव, अमर सिंह चंदेल, दानिश, अखिलेश यादव, कपिल शुक्ला, उवैस पठान, आसिफ अख्तर समेत 20 सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। इससे सार्वजनिक मार्ग को बाधित कर दिया। इस दौरान होमगार्ड जवान निराला व ज्ञान सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने रोकने का प्रयास किया तो सभी ने सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग का पुतला फूंका। इसके बाद सभी चले गए। कोतवाल परमहंस तिवारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है। (संवाद)