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Jalaun News: स्मार्ट फोन नहीं है.... तो क्या पर्चा नहीं बनेगा, इलाज नहीं मिलेगा

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उरई। जिला अस्पताल में ऑनलाइन पर्चा सिस्टम व्यवस्था मरीजों की परेशानी का सबब बन गई है। मंगलवार को जख्मी बेटे को लेकर पहुंची महिला का पर्चा काफी देर तक इस वजह से नहीं बना कि उसके पास स्मार्ट फोन नहीं है। बाद उसके पति ने यह कह कर हंगामा कर दिया कि स्मार्ट फोन नहीं है तो पर्चा नहीं बनेगा...। बाद में लोगों के आक्रोश के बाद किशोर का पर्चा बना और उसका इलाज हुआ।
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मंगलवार की सुबह 11 बजे शहर के मोहल्ला रामकुंड निवासी नाजिम का बेटा सौफियान (17) ईंटा लगने से घायल हो गया। उसकी मां गुड़िया उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। इमरजेंसी में स्टाफ ने उनसे पर्चा बनवाने के लिए कहा। इस पर वह ओपीडी में ऑनलाइन पर्चा बनवाने पहुंची। उससे मोबाइल मांगा गया ताकि प्रक्रिया के अनुसार पर्चा बन सके। गुड़िया ने फोन न होने की बात कही तो उसका पर्चा नहीं बनाया गया। वह काफी देर तक परेशान होती रही। इसके बाद गुड़िया ने अस्पताल में एक व्यक्ति से फोन मांगा और अपने पति निजाम को फोन किया।
निजाम के पास भी स्मार्टफोन नहीं था। वह कीपैड वाला मोबाइल लेकर पहुंचा तो उससे भी ऑनलाइन पर्चा बनवाने को कहा गया। इस पर नाराज हो गया और हो हल्ला करने लगा। बोला, ऑनलाइन पर्चा जरूरी है मरीज का इलाज। बाद में लोगों के आक्रोश के बाद किशोर को इमरजेंसी भेजा गया, जहां उसका इलाज किया गया।
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थककर ओपीडी पर्चा काउंटर के बाहर बैठी महिलाओं ने सुनाई परेशानी
केस-1-
शांतिनगर की सुशीला ने कहा कि उनकी बेटी मिष्ठी को खुजली की समस्या है। पर्चा के लिए लाइन में लगे लगे थक गए तो बैठ गए। अब डॉक्टर के पास लाइन में लगना होगा, फिर दवा के लिए।

केस-2-
शांतिनगर की कस्तूरी बोली, कंधे में दर्द हो रहा है। वह दर्द से कराह रही है लेकिन अस्पताल की व्यवस्था और दर्द दे रही है। लाइन में लगे लगे थक गए तो बैठ गए।



केस-3
हमीरपुर के सरीला के निवुली निवासी सोनू दुबे ने कहा कि बेटी राधिका को मुंह में फोड़ा हो गया है। सुबह से लाइन में लगे है तो ऑनलाइन सिस्टम से देरी के कारण थककर बैठ गए।

केस-4
शेखपुर अहीर निवासी शोभा भी पर्चा काउंटर के बाहर बैठी थीं। बताया कि सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दिखाया था। सिरदर्द की समस्या होने पर चिकित्सक ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। इस पर मंगलवार की सुबह आठ बजे ही जिला अस्पताल आ गए थे। पर्चा बनवाने से लेकर सीटी स्कैन कराने में दो घंटा लग गया। थककर बैठ गए हैं।
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वर्जन
ऑनलाइन सिस्टम के कारण यदि परेशानी हो रही है तो मैनुअल पर्चे भी बनाए जाएंगे। मैनुअल पर्चे बनने का प्रचार प्रसार भी कराया जाएगा।
- डॉ. आनंद उपाध्याय, सीएमएस, जिला अस्पताल
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