कालपी। कस्बे में शनिवार को तहसील सभागार में जिले के नोडल अधिकारी व औद्योगिक विकास के विशेष सचिव मुथुकुमारसामी बी की अध्यक्षता में बाढ़ राहत को लेकर समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के चलाए गए बचाव कार्यों की समीक्षा की। वहीं कई गांवों का स्थलीय निरीक्षण भी कर पीड़ितों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया।
बताते चलें कि पिछले दिनों यमुना, बेतवा व नून नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने की वजह से सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आकर जलमग्न हो गए थे। इसमें सैकड़ों की संख्या में घर भी डूब गए थे। इसी को दृष्टिगत रखकर नोडल अधिकारी ने कालपी में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि बाढ़ तथा बारिश से जहां भी घर गिरे हैं, उनका राजस्व विभाग के कर्मचारियों के द्वारा सर्वे करा दिया गया है एवं प्रभावित व्यक्तियों को सहायता दिलवाई जा रही है। इसी प्रकार बाढ़ तथा बारिश से मरने वाले व्यक्तियों के आश्रितों को चार चार लाख रुपये धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
उपजिलाधिकारी कौशल कुमार के मुताबिक कालपी तहसील क्षेत्र सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित रहा है। 550 से अधिक घर गिरने के मामले प्रकाश में आए हैं। जिनमें अधिकांश लोगों को शासकीय अहेतुक सहायता प्रदान कर दी गई है। इसी प्रकार बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को आवश्यक राहत सामग्रियों का गांव गांव में वितरण किया गया है। नोडल अधिकारी ने बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित कोई भी व्यक्ति सरकारी राहत पाने से वंचित ना रह सके इसके लिए गांव गांव में अभियान चलाया जाए। प्रभावित ग्रामों तथा मोहल्लों में सफाई तथा चिकित्सा के पुख्ता प्रबंध कराए जाए। जिन लोगों का फसलों का नुकसान हुआ है उसका भी सर्वे कराया जाए। इसके अलावा पशुओं की चिकित्सा के लिए उचित प्रबंध किए जाये। उच्च अधिकारियों के साथ नोडल अधिकारी ने यमुना नदी के किनारे स्थित बाढ़ प्रभावित रहा गांव हीरापुर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान एवं ांव के लोगों से बात कर राहत कार्यों की हकीकत भी देखी। रास्ते में मदारपुर देवकली आज ग्रामों को भी देखा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक रवि कुमार, तहसीलदार कालपी बलराम गुप्ता, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।