उरई। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय द्वारा ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार की फर्म ने शहर में डिवाइडर का निर्माण कराया था। निर्माण की शुरूआत में घटिया सामग्री का प्रयोग करने की बात कहकर अधिकारियों ने तब सड़क का निर्माण बंद करवा दिया गया था। फिर इसे कई जगह तोड़कर सही कराया गया था। जेई ने भी डिवाइडर निर्माण में सरिया न डालने का आरोप ठेकेदार पर लगाया था। मुख्य अभियंता लखनऊ ने ठेकेदार द्वारा कराए गए सभी कार्यों की जांच के लिए जिले के सभी अभियंताओं को पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि वह जांच के बाद अपनी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएं।
शहर में नगर पालिका की ओर वर्ष 2022 में 26 लाख की लागत से आंबेडकर चौराहे से लेकर इकलासपुरा चौराहा तक डिवाइडर का निर्माण शालिनी दीक्षित की फर्म से किया गया था। इसके निर्माण के दौरान जब लोगों ने घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाकर हंगामा किया था। तब अधिकारियों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके साथ ही जेई ने डिवाइडर में सरिया प्रयोग न होने की बात कही थी। अब पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से डलवाई जा रही सड़क से यह डिवाइडर गायब हो गए हैं।
इसके साथ ही ठेकेदार की फर्म ने पिछली नगर पालिका के कार्यकाल में करीब दो करोड़ से अधिक के सीसी व नाली, कूड़ाघर आदि के कार्यों को भी करवाया है। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय लखनऊ द्वारा ठेकेदार शालिनी दीक्षित को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता रामनाथ सिंह ने प्रदेश के सभी मुख्य अभियंताओं को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि ठेकेदार शालिनी दीक्षित ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर धोखाधड़ी करते हुए जिले के अलावा प्रदेश भर में कई कार्य किए हैं। कहा कि इनके द्वारा कराए गए मार्ग, भवन, सेतु, रोड, साइनेज, विद्युत श्रेणी निर्माणाधीन कार्यों की रिपोर्ट बनाकर भेंजे। ठेकेदार के पुत्र अमित दीक्षित ने बताया कि साइनेज की फर्म के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी मिली है। लेकिन उन्हें अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है।