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नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में निकाला जुलूस, किया प्रदर्शन

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उरई। नागरिकता संशोधन बिल व दिल्ली में छात्रों के साथ हुई पुलिस की झड़प के विरोध में जिले में भी आक्रोश दिखा। मंगलवार को सैकड़ो लोगों ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा, बसपा, कांग्रेस के नेता भी मौजूद रहे। विरोध को लेकर प्रशासन सुबह से ही सतर्क नजर आया। बजरिया से लेकर अंबेडकर चौराहे तक भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जुलूस को प्रशासन ने दलगंजन चौराहे पर रोक लिया। वहीं प्रदर्शनकारी कलक्ट्रेट तक जाने मांग पर अड़ गए। इसको लेकर प्रदर्शनकारियों व प्रशासन की तीखी नोक-झोक हुई, लेकिन भारी पुलिस बल व धर्मगुरुओ के सहयोग के बाद लोग माने और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रमिल कुमार सिंह को दिया। प्रदर्शन शांतिपूर्वक निपटने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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मंगलवार को बजरिया से तिरंगा झंडा लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस निकाला। इमाम व मुस्लिम समाज के धर्मगुरु प्रदर्शन में किसी तरह की नारेबाजी न करने की अपील कर रहे थे। जुलूस को पहले कलक्ट्रेट तक ज्ञापन दिए जाने की योजना थी लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर जाकर ही ज्ञापन लेने का निर्णय लिया। इस दौरान पूर्व मंत्री अकबर अली, सैय्यद युसुफ इश्तियाक, मैराज सिद्दीकी, नफीस आलम, आमीन खान, अजीज रजा, रिजवान अली, नफीस आलम, रेहान सिद्दीकी, शफीकुर्रहमान कश्पी, युसूफ अंसारी, सलमान सिद्दीकी के अलावा कांग्रेस के पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी श्यामसुंदर, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल यादव, सुरेंद्र बजरिया, सुरेंद्र मौखरी, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शिरोमणि आदि रहे।
जुलूस को लेकर प्रशासन सतर्क रहा। सुबह से ही बजरिया क्षेत्र की दुकानों को बंद करा दिया गया था। पुलिस बल चहलकदम कर रहा था। महिलाएं घरों में कैद थी। बच्चे छत से पूरा माहौल को देख रहे थे। जगह जगह पुलिस फोर्स तैनात था। कई थानों की पुलिस फोर्स व पीएसी को चौराहों तक लगा दिया गया था। महिला आरक्षियों को भी दलगंजन चौराहे पर मुस्तैदी के साथ तैनात कर दिया गया था। अधिकारी भी लगातार पूरे मामले पर नजर रखे हुए थे। खुफिया विभाग से लगातार रिपोर्टिंग ली जा रही थी।
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जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने कलक्ट्रेट तक ज्ञापन देने की बात कही लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने यह कहकर मना कर दिया गया कि जुलूस दलगंजन चौराहे से आगे नहीं जाएगा। अधिकारियों ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से भी सहयोग मांगा। मुस्लिम धर्मगुरुओं के समझाने पर जुलूस में शामिल लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
जुलूस को लेकर दोपहर एक बजे से तीन बजे तक बजरिया मार्ग के आने जाने वाले दोनों मुख्य मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इसके चलते न तो किसी को बजरिया के अंदर जाने की इजाजत दी जा रही थी और न ही किसी को बाहर निकलने दिया जा रहा था। जुलूस के कारण करीब दो घंटे तक लोग बजरिया क्षेत्र में कैद से रहे।
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