कालपी। कस्बे में सोमवार को होने वाले शालिग्राम व तुलसी विवाह कार्यक्रम को लेकर चल रहा विवाद जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया है। रविवार को एडीएम व एएसपी की मौजूदगी में कोतवाली में संत समाज के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में भगवान शालिग्राम व तुलसीजी के विवाह कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। उधर, बरात के स्वागत के लिए जगह-जगह पर तैयारी की जा रही है। हालांकि बैठक से पहले पुलिस ने कुछ लोगों पर शांति भंग की कार्रवाई की है।
बता दें कि देवोत्थानी एकादशी पर नगर के राजघाट मोहल्ले में सोमवार को भगवान शालिग्राम व तुलसीजी के शुभ विवाह का कार्यक्रम था। इसको लेकर एक संत पक्ष ने शांतिभंग होने की आशंका के चलते डीएम से शिकायत की थी। जिसके बाद से ही कार्यक्रम को लेकर दो संग गुट आमने-सामने आ गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम पूनम निगम व एएसपी एएसपी राकेश सिंह को जांच के निर्देश दिए थे। वहीं कार्यक्रम पर संकट के बादल छाए हुए थे। सुबह पुलिस ने कार्यक्रम को लेकर कुछ लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई भी की थी। लेकिन देर शाम जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और जिले के संतों के साथ बैठक की। जिसमें कार्यक्रम की सहमति बन गई है। बैठक में विवाह कार्यक्रम को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में एडीएम पूनम निगम, एएसपी राकेश सिंहए एसडीएम केके सिंह, सीओ वीके श्रीवास्तव, उरई के ठड़ेश्वरी मंदिर के महंत सिद्दन महाराज, मां वनखंडी देवी मंदिर के महंत जमुनादास महाराज, लक्ष्मी नारायन मन्दिर के महंत रामकरन दास, आयोजक अरविंद यादव आदि मौजूद रहे। कोतवाली के मुख्य इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि भगवान शालिग्राम व तुलसी जी के विवाह कार्यक्रम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। उधर, कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह है। जगह-जगह बरात के स्वागत के लिए जोरदार तैयारी की जा रही हैं।