हेरोइन के साथ थाने में बैठा ट्रक चालक व परिचालक
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उरई। कानपुर झांसी हाईवे पर बुधवार की शाम बरामद करोड़ों की हेरोइन के मामले में एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) को पकड़े गए आरोपियों का तीन दिन का रिमांड मिला है। इसके अलावा पुलिस आटा टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से ट्रक के आगे अथवा पीछे चलने वाली गाड़ी का भी पता कर रही है। अनुमान है कि ट्रक के साथ हेरोइन के तस्कर भी रहे होंगे। एसपी रवि कुमार के मुताबिक बरामद हेरोइन मणिपुर से खाली ट्रक पर चली थी और राजस्थान जा रही थी।
बता दें कि बुधवार की शाम आटा टोल के पास ग्वालियर और थाना पुलिस की टीम ने एक संदिग्ध ट्रक को रोका था। जिसमें तकरीबन नौ किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय कीमत भी 9 करोड़ के आसपास है। पुलिस ने ट्रक के चालक एमपी निवासी ताराचंद्र और क्लीनर राजस्थान निवासी दिलखुश को गिरफ्तार किया था। ट्रक के नीचे लगी स्टेपनी से हेरोइन के पैकेट बरामद किए गए थे। अब पुलिस और एनसीबी की टीम पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी है। एनसीबी ने दोनों आरोपियों को तीन दिन की रिमांड में लिया है। जिससे यह पता लगाया जा सके कि बरामद हेरोइन किसकी थी और कहां से चली व कहां जा रही थी। ट्रक के साथ कौन-कौन लोग चल रहे थे। इससे पहले भी कभी नशीले पदार्थ की कोई तस्करी की गई है। इसके अलावा पुलिस आटा व एट टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार ट्रक के आगे या पीछे जरूर तस्करों की गाड़ी रही होगी।
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एडीएम से की वसूली की शिकायत
उरई। फर्म संचालक हेमंत कुमार ने एडीएम को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उनका खेत डकोर क्षेत्र के मकरेछा में पड़ता है। जिससे वाहनों का आवागमन होता है। कुछ दबंग लोग इसके एवज में रुपये की मांग कर रहे हैं। जबकि संबंधित किसानों के साथ रास्ते का पांच साल का एग्रीमेंट है और सभी को उसका भुगतान भी किया जाता है। बता दें कि उक्त मामले में बुधवार को कुछ ग्रामीणों ने खेत से जबरन ट्रक निकाले जाने की भी शिकायत की थी। (संवाद)