उरई। दो महीने में दूसरी बार पेट्रोल पंप मैनेजर से हुई लूट की वारदात ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस की सीमा पर रखी जाने वाली चौकसी की पोल खोल दी। दो माह पहले भी ठीक माधौगढ़ की तर्ज पर जालौन कोतवाली क्षेत्र के पेट्रोल पंप मैनेजर से लाखों की लूट हुई थी। जिसका जनपद पुलिस ने हाल ही में खुलासा किया था। उक्त वारदात में भी तीन बदमाश एमपी के मुरैना क्षेत्र के ही निकले थे। माधौगढ़ में गुरुवार को हुई लूट के मामले में भी बदमाशों की कार एमपी में बरामद हुई है। कार का नंबर भी एमपी का ही है। इससे साफ है कि एमपी से आकर बदमाश जिले में वारदात कर निकल जाते हैं। दोनों राज्यों की सीमा पर चौकसी का दावा रखने वाली पुलिस को इसकी भनक तक नहीं पड़ती है। बता दें कि माधौगढ़ और रामपुरा क्षेत्र एमपी के भिंड जिले की सीमा से लगा हुआ है। इस कारण सीमा पर दोनों ही राज्यों की पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश भी रहते हैं। इसके बावजूद बदमाश वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
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पंप से निकलते ही लग गए थे बदमाश
घायल सेल्समैन दिनेश ने पुलिस को बताया कि जब वे पंप से करीब 200 मीटर की ही दूरी पर निकले थे। तभी एक सफेद रंग की कार ने पीछा शुरू कर दिया था। यह बात उसने बाइक चला रहे मैनेजर दीपक को भी बताई थी। एक दो बार तो कार ने काफी करीब आकर टक्कर मारने का प्रयास भी किया था।
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मैनेजर के गांव की ओर ही भागे बदमाश
वारदात के बाद कार सवार बदमाश पीड़ित मैनेजर दीपक के गांव चंदौक की ओर ही भागे। इससे भी मामले में पेंच रहा है। पुलिस का कहना है कि घेराबंदी के डर से ही बदमाशों ने कार भगाई और किसी वाहन अथवा अन्य किसी चीज से टकराकर कार मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हुई। इसके बाद बदमाश कार मिहौना के पास ही छोड़कर भाग निकले।
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पुलिस करा रही संदिग्धों की शिनाख्त परेड
घटना के बाद पुलिस ने जनपद और एमपी के भिंड से करीब 10 से 15 संदिग्धों को उठाया और मैनेजर व सेल्समैन के सामने उनकी शिनाख्त परेड भी कराई। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की निशानदेही पर कार सवार बदमाशों का स्कैच भी बनवाने का प्रयास किया जाएगा। स्कैच के पोस्टर बनाकर चस्पा भी किए जाएंगे।
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सर्विलांस पर लगे मोबाइल नंबर
पुलिस सूत्रों के अनुसार इतनी बड़ी वारदात में पंप से जुड़ा भी कोई व्यक्ति शामिल हो सकता है। इसलिए पंप पर काम करने वाले और रोजाना किसी काम से आने जाने वालों के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी देखा जा रहा है, जिससे कुछ सुराग हाथ लग सके।